राजीव त्रिवेदी, हमीरपुर

कुछ करने की लगन हो तो राह में आने वाली बाधाएं खुद ब खुद दूर हो जाती हैं। राठ ब्लाक के ग्राम पंचायत गल्हिया के प्रधान ने कुछ ऐसा ही कर दिखाया है। अनुदेशक पद से त्याग पत्र देकर प्रधान बने देवेंद्र राजपूत ने ढाई साल में गांव की तस्वीर बदल दी। ग्राम पंचायत में जुड़ा एक राजस्व ग्राम शुगलहरी भी है। जो गल्हिया के साथ ही सबसे पहले ओडीएफ घोषित हुआ था।

तीन हजार की आबादी वाले इस गांव में पाइपलाइन के जरिए घर घर शुद्ध जल की आपूर्ति हो रही है। वहीं पर्यावरण संरक्षण के लिए भी अलग अलग समय पर ग्राम प्रधान द्वारा पांच हजार से ज्यादा पौधे रोपे गए हैं। विकास के मामले में गांव न केवल राठ क्षेत्र बल्कि जिले में अव्वल है। गल्हिया ग्राम प्रधान देवेंद्र राजपूत बताते हैं कि स्वच्छता के प्रति गांव के लोगों की सोच बदलना किसी चुनौती से कम नहीं था। इसके लिए अलग-अलग गोष्ठियां की गई फिर गांव के गरीबों को शौचालय निर्माण के लिए स्वच्छ भारत मिशन के तहत प्रोत्साहन धनराशि दी गई। इसका नतीजा यह रहा कि ग्राम पंचायत मजरे सहित जिले में सबसे पहले खुले में शौचमुक्त घोषित हुई। साथ ही गांव के हर घर में शुद्ध पानी की सप्लाई पेयजल पाइप लाइन योजना से की जा रही है। जल्द ही गांव को जिले में मॉडल के रूप में तैयार किया जाएगा। गल्हिया ग्राम पंचायत स्वच्छता के साथ विकास को लेकर बेहतर कार्य कर रही है। इसके लिए ग्राम प्रधान को जिला मुख्यालय आए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी पुरस्कृत कर चुके हैं। साथ ही जिला स्तर पर भी उन्हें सम्मानित किया जा चुका है।

-डा. दुर्गा प्रसाद, डीपीआरओ गांव में उपलब्ध सुविधाएं

पेयजल परियोजना, पंचायत भवन, आंगनवाड़ी केंद्र का विकास, दो प्राथमिक विद्यालय, कन्या पूर्व माध्यमिक विद्यालय, अंत्येष्टि स्थल का विकास।

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