जागरण संवाददाता, हमीरपुर : बलदाऊ मंदिर में चल रहे श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के छह दिवसीय कार्यक्रम का समापन रविवार की शाम रंगारंग कार्यक्रमों का साथ हुआ। रायबरेली के पीयूष चावला ग्रुप व रिदम एकेडमी के कलाकारों ने जमकर धूम मचाई। कार्यक्रम के अंत में सभी लोगों को संयोजक डा.श्रेया व अध्यक्ष विजय द्विवेदी द्वारा सम्मानित किया गया। कार्यक्रम देखने के लिए हजारों की संख्या में लोगों की भीड़ जमा रही।

बलदाऊ मंदिर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के दिन से लेकर छठी तक का छह दिवसीय कार्यक्रमों का आयोजन किया गया था। जिसका रविवार की रात रंगारंग कार्यक्रमों के साथ समापन हो गया। रायबरेली के कलाकार पीयूष चावला की टीम ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम मचा दी। विभिन्न प्रकार की झांकियों का प्रदर्शन कर टीम के लोगों ने उपस्थित जनसमुदाय का मनोरंजन किया। पीयूष चावला ग्रुप के कलाकारों ने सांईराम, भगवान शंकर, पार्वती, राधा-कृष्ण समेत तमाम झाकियां प्रस्तुत कीं। जो मंच में आकर्षण का केंद्र रहीं। वहीं इसी ग्रुप के कलाकारों के द्वारा मयूर नृत्य भी प्रस्तुत किया गया। मयूर नृत्य के बाद बनी झांकी लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र रही। वहीं बरसाने की होली भी खेली गई। रिदम एकेडमी की सचि द्विवेदी, पूजा, दुर्गा ने भी अपने कार्यक्रमों से मंच में समां बांधा। कार्यक्रम के अंत में समिति के अध्यक्ष विजय द्विवेदी, संयोजक डा.श्रेया तथा रायबरेली के एडीएम डा.आरके प्रजापति ने सभी कलाकारों को सम्मानित किया। वहीं कमेटी के लोगों को भी शाल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम की समापन बेला में डा.श्रेया ने सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यदि इसी तरह से यहां की जनता का सहयोग मिलता रहा तो वह हमीरपुर महोत्सव कराएंगीं। संचालन अनवर खान तथा आभार अध्यक्ष विजय द्विवेदी व संयोजक डा.श्रेया ने व्यक्त किया। वाट्सएप से मालिनी अवस्थी ने दिया हमीरपुर की जनता को संदेश

पदमश्री अवार्ड से सम्मानित होने वाली मशहूर गायिका मालिनी अवस्थी का कार्यक्रम अंतिम दिन लगा हुआ था। लेकिन अचानक उनकी हालत बिगड़ने के कारण वह इस कार्यक्रम में शरीक नही हो सकी। जिस पर उन्होने वाट्सएप के जरिए लोगों को संदेश देते हुए कहा कि यहां की जनता निराश न हो। जैसे ही वह ठीक हो जाएंगी और कोई भी कार्यक्रम होगा तो वह हमीरपुर की जनता से रूबरू होंगी। उन्होंने डा.श्रेया के लिए कहा कि उनकी पहल हमीरपुर के लोगों के लिए बहुत अच्छी है। यदि महोत्सव होता है वह आकर लोगों से रूबरू होंगी।

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