जागरण संवाददाता, हमीरपुर : जिले में 10 अक्टूबर से शुरू हुए सघन टीबी रोगी खोज अभियान (एसीएफ) में 28 नए टीबी रोगी मिले है। इनमें से 27 मरीजों की पुष्टि बलगम से हुई और एक मरीज को टीबी की पुष्टि एक्सरे से की गई। इन सभी का उपचार भी शुरू करा दिया गया है। साथ ही प्रतिमाह पांच सौ रुपए निक्षय पोषण योजना के तहत दिए जाने की औपचारिकता भी पूरी कर दी गई है। केंद्र सरकार सन 2025 तक भारत को टीबी मुक्त करने के संकल्प के साथ काम कर रही है। इसी कड़ी में प्रति तीन माह में सघन टीबी रोगी खोज अभियान (एसीएफ) चलाया जाता है। इसके तहत स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर संदिग्ध टीबी रोगियों को खोजती हैं। मौके पर ऐसे मरीजों के बलगम की जांच के नमूने लिए जाते हैं। जांच में टीबी की पुष्टि के बाद उपचार शुरू किया जाता है। मरीजों को संबंधित सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के माध्यम से घर पर ही टीबी की दवा मुहैया कराई जाती है।

जिला क्षय रोग अधिकारी डा.महेश चंद्रा ने बताया कि इस बार 1.25 लाख की आबादी में टीबी रोगियों को खोजने का अभियान चलाया गया था। इसके कुल 50 टीमें और 13 सुपरवाइजर लगाए गए थे, जिन्होंने 25 हजार 100 घरों में दस्तक दी और संदिग्ध टीबी रोगियों के बलगम के नमूने लिए। उन्होंने बताया कि कुल 533 बलगम के नमूने लिए गए थे। जिसमें 27 टीबी रोगी मिले। एक रोगी को टीबी की पुष्टि एक्सरे के माध्यम से हुई है। दस दिनों तक चले अभियान में कुल 28 नए टीबी के रोगी खोजे गए हैं। जिनका उपचार भी शुरू करा दिया गया है। इस बार सर्वाधिक 8 टीबी रोगी राठ में मिले। दूसरे नंबर सरीला रहा, जहां 7 मरीज खोजे गए। इसके अलावा मौदहा-हमीरपुर में 4-4, मुस्करा में 3 और सुमेरपुर में 2 टीबी रोगी खोजे गए हैं। प्रत्येक मरीज को शासन द्वारा अनुमन्य 500 रुपए निक्षय पोषण योजना के तहत उनके बैंक खाते में प्रतिमाह ट्रांसफर होंगे।

Posted By: Jagran

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