संस, भरुआ सुमेरपुर : जिम्मेदारों की लापरवाही से शनिवार तड़के हुई बारिश से

कस्बे की नवीन गल्ला मंडी में संचालित गेहूं खरीद केंद्रों में किसानों का गेहूं भीगकर नालियों में बह गया। क्रय केंद्रों में किसानों का करीब 220 क्विंटल गेहूं भीग गया है। मंडी की नालियां जाम होने से बरसात का पानी आढ़तों में घुस जाने से नुकसान पहुंचा है।

ग्राम सिमनौडी में तीन कच्चे मकान ढह गए। कैथी में नाले का पानी मकान में घुस गया। साथ ही कस्बे सहित ग्रामीण क्षेत्रों में जगह-जगह जलभराव होने से लोगों को मुसीबतों का सामना करना पड़ा। पौथिया गांव में बरसात का पानी घरों में घुस गया। शुक्रवार रात तीन बजे से शुरू हुई बारिश रुक रुककर सुबह सात बजे तक जारी रही है। रात तीन से चार बजे तक हुई तेज बारिश ने सब सराबोर कर दिया। नवीन गल्ला मंडी में दो जून को गेहूं लेकर पीसीएफ में बेचने आए कैथी के किसान रामफल सिंह सहित तीन किसानों का 150 क्विंटल गेहूं भीग गया। यह गेहूं टीन शेड के किनारे पड़ा हुआ था। इसी तरह क्रय विक्रय केंद्र में ट्रैक्टर ट्राली में भरा 70 क्विंटल गेहूं भीग गया।

कैथी के किसान रामफल सिंह ने आत्मदाह की बात कही है। उसका आरोप है कि पीसीएफ प्रभारी की लापरवाही से उसका गेहूं नहीं तोला गया और बरसात ने भारी नुकसान पहुंचाया है। उसने बताया कि उसकी भतीजी की 24 जून को बारात आनी है। वही मंडी की नालियां साफ न होने से बरसात का पानी कई आढ़तों में घुस गया। आढ़ती रमाकांत गुप्ता, कुंजबिहारी पांडेय आदि ने बताया कि कई बार कहने के बाद भी मंडी सचिव ने नालियों की सफाई नहीं कराई है। इसी तरह कैथी गांव निवासी राजकरन गुप्ता के मकान की दीवार को पड़ोसी ने तोड़ दिया था। जिससे नाले का पानी घर में घुस गया और उसकी गृहस्थी के साथ अनाज आदि बर्बाद हो गया। पीड़ित ने शिकायत थानाध्यक्ष से की है। वहीं क्षेत्र के ग्राम सिमनौड़ी में कालीदीन प्रजापति, विनोद प्रजापति, अवधेश प्रजापति के कच्चे मकान ढह जाने से गृहस्थी एवं खाने-पीने का सामान नष्ट हो गया। पौथिया गांव में बारिश का पानी कई घरों में जा घुसा। वहीं बारिश के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति पर बुरा असर पड़ा और कई गांव की बिजली गुल हो गई।

ट्रैक्टर ट्राली में लदा गेहूं भीगा

कुरारा : कस्बे में संचालित सहकारी समिति, आरएफसी के दो व पीसीएफ के एक केंद्र के बाहर दर्जनों किसानों के ट्रैक्टर गेंहू लादकर खड़े हैं। जिनमें कुछ किसानों के द्वारा ट्रैक्टरों के ऊपर तिरपाल आदि नहीं डाली गई थी जिसके चलते उन ट्रैक्टरों में लड़ा अनाज भीग गया। शेष खरीदा गया अनाज टीन शेड के नीचे होने के चलते बच गया है। शनिवार को चारों केंद्रों में गेहूं की खरीद भी हुई।

Edited By: Jagran