हमीरपुर में STF की बड़ी कार्रवाई, कोडीनयुक्त कफ सीरप बेचने के मामले में सरगना का बहनोई गिरफ्तार
एसटीएफ ने हमीरपुर के टेढ़ा गांव से कोडीनयुक्त कफ सिरप कारोबार के मुख्य आरोपित के बहनोई रविंद्र गुप्ता को गिरफ्तार किया है।

HighLights
एसटीएफ ने टेढ़ा गांव से मुख्य आरोपित के बहनोई को पकड़ा।
कोडीनयुक्त कफ सिरप मामले में हुई यह बड़ी गिरफ्तारी।
मेडिकल स्टोर के नाम पर प्रतिबंधित दवाएं मंगाई जा रही थीं।
जागरण संवाददाता, हमीरपुर। बीती तीन सितंबर को बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे से पकड़ी गई कोडीन युक्त कफ सिरप प्रकरण में एसटीएफ ने इस कारोबार के मुख्य आरोपित के बहनोई को बुधवार की देरशाम टेढ़ा गांव से गिरफ्तार करते हुए कुछ प्रतिबंधित दवाएं बरामद कर अपने साथ ले गई है। एसटीएफ की इस कार्रवाई से मेडिकल संचालकों में हलचल मची हई है।
बीती तीन सितंबर को बांदा पुलिस एवं एसटीएफ की संयुक्त टीम ने बांदा जनपद के पुनाहुर गांव के पास बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे में एक डीसीएम से 30 हजार सीसी प्रतिबंधित कोडीनयुक्त कफ सिरप पकड़ी थी। इसका मुख्य आरोपित बांदा के अतर्रा कस्बे का निवासी प्रियांशु उर्फ शिवम गुप्ता था।
यह अपने बहनोई रविंद्र गुप्ता के ओम मेडिकल स्टोर टेढ़ा के नाम पर बिल कटवाकर माल मंगवाया था। इस माल को यूपी-एमपी के अति पिछड़े बुंदेलखंड के जनपदों में खपाया जाना था। प्रियांशु के पकड़े जाने के बाद से एसटीएफ रविंद्र गुप्ता की तलाश में जुटी हुई थी।
बुधवार को देरशाम एसटीएफ की टीम ने टेढ़ा गांव में छापा मार कर रविंद्र गुप्ता को पकड़ कर अपने साथ ले गई। इसके मेडिकल स्टोर से कुछ प्रतिबंधित दवाई भी बरामद हुई है। पूर्व प्रधान सौरभ सिंह ने बताया कि गांव की जिस दुकान में ओम मेडिकल स्टोर का बोर्ड लगा हुआ था। उसकी ओपनिंग आज तक नहीं हुई थी।
कारोबार कब से हो रहा था यह पता नहीं है। छापेमारी के दौरान यहां से दवाइयां बरामद हुई है। अब दुकान के बाहर लगा बोर्ड भी फाड़ दिया गया है। रविंद्र गुप्ता कहां का निवासी है।
यह टेढ़ा में किसी को मालूम नहीं है। कुछ लोग इसको बांदा जनपद तो कुछ लोग उसको हमीरपुर जनपद का निवासी बता रहे हैं। थानाध्यक्ष पवन कुमार पटेल ने बताया कि एसटीएफ में स्थानीय पुलिस की मदद नहीं ली है। छापेमारी में क्या मिला है कौन पकड़ा गया इसकी जानकारी उन्हें नहीं है।
