अभय प्रताप सिंह, हमीरपुर : कृषक उत्पादक संगठन पंजीकृत समितियां तथा एनआरएलएम से संबद्ध स्वयं सहायता समूहों को 50 से 80 फीसद अनुदान पर कृषि यंत्र मुहैया कराएं जाएंगे। इसके लिए यूपी एग्रीकल्चर डाट कॉम वेबसाइट व कृषि विभाग के पोर्टल पर आनलाइन आवेदन करना होगा। आवेदन के बाद मिलने वाले टोकन के वरीयता क्रम में योजना का लाभ दिया जाएगा। योजना के पीछे का मकसद फसल अवशेष प्रबंधन के साथ किसानों की आय दोगुना करना बताया जा रहा है।

जिला कृषि अधिकारी डा. सरस कुमार तिवारी ने बताया कि सरकार ने किसानों की दोगुनी आय व फसल अवशेष प्रबंधन के लिए प्रमोशन आफ एग्रीकल्चर मैकेनाइजेशन फार इन सीटू मैनेजमेंट आफ क्राप रेजीड्यू योजना शुरू की है। इसके तहत कृषि यंत्रों व फार्म मशीनरी बैंक के लिए नौ जून से बुकिग शुरू हो गई। बताया कि फसल अवशेष प्रबंधन वाले यंत्रों की खरीद पर 50 से 80 फीसद अनुदान दिया जाना है। इस तरह होगी बुकिग

कृषि विभाग की वेबसाइट पर आधार नंबर, मोबाइल नंबर बैंक खाता संख्या के साथ बुकिग करने पर टोकन जनरेट होगा। बुकिग प्रक्रिया पूर्ण होने पर मोबाइल संदेश आएगा। आनलाइन टोकन जनरेट करने के बाद प्राप्त चालान के माध्यम से निर्धारित समय के अंतर्गत यूनियन बैंक की शाखा में निर्धारित जमानत धनराशि जमा करनी होगी। जमानत धनराशि दस हजार से अधिक तथा एक लाख तक के अनुदान वाले कृषि यंत्रों पर 2500 रुपये तथा एक लाख से अधिक अनुदान वाले कृषि यंत्रों व फार्म मशीनरी बैंक के लिए 5 हजार जमा करने होंगे। चालान रशीद पोर्टल पर अपलोड नहीं की जाएगी। बल्कि यंत्र क्रय करने के बाद पोर्टल पर बिल अपलोड करना होगा। इन यंत्रों की खरीद के लिए मिलेगा अनुदान

फसल अवशेष प्रबंधन के लिए मल्चर, जीरों ट्रिल सीड कम फर्टी ड्रिल, हाइड्रोलिक रिवर्सिबल एमबी प्लाऊ, हैप्पी सीडर, सुपर सीडर, सुपर एसएमएस पैडी स्ट्रा चॉपर, श्रेडर, श्रब मास्टर, रोटरी स्लेशर, रेक, बेलर, स्वचालित व ट्रैक्टर चालित क्राप, स्वचालित, रीपर कम बाइंडर तथा फार्म मशीनरी बैंक के लिए अनुदान मिलेगा।

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