हमीरपुर : जिला अस्पताल में पत्नी की पिटाई कर उसे तलाक देने के मामले में पीड़िता की तहरीर पर मौदहा कोतवाली पुलिस ने ससुरालीजनों के खिलाफ दहेज उत्पीड़न सहित मारपीट का मुकदमा दर्ज किया है।

घाटमपुर निवासी सानिया परवीन की शादी मौदहा कस्बे के जावेद अहमद के साथ आठ फरवरी 2013 को हुई थी। सानिया ने परिवार की मर्जी के खिलाफ जावेद से शादी रचाई थी। लेकिन कुछ दिनों बाद ही ससुरालीजन उसका उत्पीड़न करने लगे। जिस पर सानिया ने ससुरालीजनों पर जुलाई 2013 में दहेज उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज कराया था। बाद में रिश्तेदारों का दबाव पड़ने पर उसने मार्च 2014 में कोर्ट के माध्यम से राजीनामा कर लिया। वहीं मामला खत्म होते ही ससुरालीजनों ने उसका दोबारा उत्पीड़न शुरू कर दिया। उसे त्योहार के बहाने वापस मायके भेज दिया। बाद में 23 जुलाई को फिर मान मनौव्वल के बाद उसे पुन: ससुराल बुला लिया गया। सानिया ने बताया कि ससुरालीजन उससे 22 सितंबर से झगड़ा कर रहे थे। वहीं जिला अस्पताल में भर्ती ननद बबली की डिलेवरी को लेकर वह रोज अस्पताल खाना लेकर आती थी। उसने बताया कि इसी बीच उसकी ननद शबाना जोकि प्राथमिक विद्यालय मांचा में शिक्षिका पद पर कार्यरत हैं और उसके देवर मुन्ना बाबू ने उसे घर में बंद कर पिटाई की। इसके बावजूद वह जिला अस्पताल खाना लेकर गई तो वहां मौजूद उसके पति जावेद अहमद ने उसकी पिटाई करने के साथ सभी के सामने तलाक दे दिया। उसने ननदोई शब्बीर व मुस्ताक, सास नाजिरा बानों, ससुर अजीमुद्दीन ननद रेशमा पर भी मारपीट करने का आरोप लगाया। उसने बताया कि वह इस मामले में डीएम व एसपी के यहां भी न्याय की गुहार लगाने गई थी। पीड़िता ने बताया कि उसके ससुरालीजन उसके भाइयों व उस पर लॉकर तोड़ जेवर व नकदी ले जाने का झूठा आरोप लगा बचना चाहते है। वहीं मौदहा कोतवाल पीके ¨सह ने बताया कि पीड़िता की तहरीर पर सभी उक्त लोगों पर धारा 498ए, 323, 504, 506 के तहत कार्यवाही की गई है।

Posted By: Jagran