जागरण संवाददाता, हमीरपुर : बुंदेलखंड विकास निधि के अंतर्गत प्रस्तावों की समीक्षा को लेकर जिलाधिकारी डा. ज्ञानेश्वर त्रिपाठी की अध्यक्षता में बैठक हुई। जिसमें जिलांश के अंतर्गत 1706.36 लाख रुपये के प्रस्ताव जनप्रतिनिधियों से मांगे गए।

बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि सभी निर्माण कार्यो को नियमानुसार समय से पूर्ण किया जाए। निर्माण कार्य करने वाली कार्यदायी संस्था का जनपद या मंडल स्तर पर कार्यालय होना अनिवार्य है। निर्माण कार्य की गुणवत्ता में यदि कमी पाई जाएगी तो संबंधित कार्यदायी संस्था पर एफआइआर दर्ज कराई जाएगी। कहा कि निर्माण कार्यों को कार्यदायी संस्थाओं द्वारा भूमि उपलब्धता सुनिश्चित होने के बाद ही कार्य शुरू कराया जाए। साथ ही कोई भी कार्य दो परियोजनाओं में नहीं शामिल है इस बात का सभी संबंधित अधिकारियों से प्रमाण पत्र भी प्राप्त किया जाए। वहीं पूर्ण हो चुके कार्यों का सत्यापन कराने के साथ उनकी गुणवत्ता की जांच कर ली जाए। बैठक में मौजूद सदर विधायक युवराज सिंह ने कहा कि हैंडपंपों के रीबोर तथा सुदृढ़ीकरण का कार्य प्राथमिकता पर किया जाए। सभी पाइप पेयजल परियोजनाओं को संबंधित अधिकारियों द्वारा पूर्ण क्षमता पर क्रियान्वित किया जाए। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी, अधिशासी अभियंता पीडब्ल्यूडी, जल निगम, जल संस्थान सहित अन्य संबंधित विभागों के जनपद स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।

शिक्षक बनें नोडल, स्कूलों में हो फॉगिग

वेक्टरजनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत 16 से 30 नवंबर तक चलने वाले डेंगू एवं अन्य संचारी रोग नियंत्रण पखवाड़े की बैठक हुई। जिलाधिकारी की अध्यक्षता में हुई बैठक में उन्होंने कहा कि डेंगू तथा अन्य संचारी रोगों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए फागिग की जाए। एंटी लार्वा का छिड़काव कराया जाए। विद्यालयों के कक्षों को मच्छर रोधी बनाया जाए एवं एक अध्यापक को इसके लिए नोडल नामित किया जाए। कहा एक सप्ताह तक विशेष अभियान चलाकर लाभार्थियों तक आयुष्मान के गोल्डन कार्ड वितरित किए जाएं। पैथोलॉजी सेंटरों पर छापा मारा जाए।

Posted By: Jagran

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