संतकबीर नगर: मौसम के रुख को लेकर किसान व विभाग दोनों चिंतित हैं। मौसम परिवर्तित होने व गर्मी बढ़ने से गेहूं, जौ संग दलहनी व तिलहनी फसल की पैदावार घटने के आसार बढ़ते जा रहे हैं।

कृषि वैज्ञानिकों का कहना है कि

मौसम के जल्दी गरम होने से खेत में नमी की कमी की बढ़ती जा रही है। इसका सबसे अधिक असर फसल पर पड़ेगा और उसके दाने कमजोर होने के आसार बढ़ गए हैं।

कृषि विभाग के अधिकारी खेत की घटती नमी को देखकर किसानों को हल्की सिंचाई करने की सलाह दे रहे है। उनका कहना है कि सिंचाई से गेहूं की पैदावार बढ़ जाएगी।

चालू वित्तीय सत्र 2020-21 में जनपद में 91519 हेक्टेयर में गेहूं की बोआई की गई है। अच्छी पैदावार के लिए मिट्टी में नमी होना आवश्यक है। इधर कुछ दिनों से तापमान में काफी बदलाव आया है। खेत में नमी न के बराबर है। यदि कुछ दिन और बारिश न हुई तो गेहूं के दाने मोटे होने के बजाय पतले होंगे।

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गेहूं में लगा रोग

गेहूं फसल में रोग लग गए हैं और नुकसान पहुंचा रहे हैं। मौसम में बदलाव की वजह से खेत में नमी नहीं है। जबकि इस समय नमी की आवश्यकता है। नमी को बनाए रखने के लिए हल्की सिंचाई अनिवार्य है।

सुरेंद्र राय, प्रगतिशील किसान-उमिला गांव, ब्लाक-सेमरियावां

जिला कृषि अधिकारी पीसी विश्वकर्मा ने बताया कि मौसम का यही रुख रहा तो गेहूं की पैदावार पर असर पड़ सकता है। किसान गेहूं फसल की जल्द हल्की सिचाई कर लें ताकि खेत में नमी आ जाए। अधिक सिचाई न करें नहीं तो हवा बहने पर फसल गिरकर नष्ट हो सकती है।

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