यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 02, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
World Autism Awareness Day: बच्चा आपसे नजरें चुराए तो हो जाएं सावधान, ये लक्षण दिखे तो डॉक्टर से करें संपर्क
बच्चे अगर परिवार व रिश्तेदार के साथ बैठना नहीं चाहते अकेले में समय बिताना चाहते हैं तो सावधान हो जाइए। ...और पढ़ें

गोरखपुर, जागरण संवाददाता। यदि आपका बच्चा आपसे नजरें चुराता है, परिवार या बच्चों के बीच जाने से परहेज करता है और अकेले में रहना पसंद करता है तो सावधान हो जाने की जरूरत है। उसे आटिज्म की बीमारी हो सकती है। यह एक गंभीर मानसिक व न्यूरो से संबंधित बीमारी है जिसमें बच्चे, परिवार, समाज व दोस्तों से मिलने से परहेज करने लगते हैं। वे ठीक से बोल भी नहीं पाते। विशेषज्ञों के अनुसार दो से तीन वर्ष की उम्र में बच्चे इसके शिकार हो जाते हैं। जिले में करीब 200 बच्चे इस बीमारी से जूझ रहे हैं। इसके प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए हर साल दो अप्रैल को विश्व आटिज्म जागरूकता दिवस मनाया जाता है।
इस बीमारी का स्पष्ट कारण नहीं
विशेषज्ञों के अनुसार जब कोई बच्चा असामान्य रूप से बहुत ज्यादा जिद करता है, अपनी हरकतों को बार-बार दोहराता है, जल्दी कुछ सीखता नहीं या चीजों को पटकता, तोड़ता-फोड़ता है तो हम सोचते हैं कि वह शैतान हो गया है और हम उसे डांट-फटकार कर शांत हो जाते हैं। लेकिन, यह बीमारी भी हो सकती है। इसका कोई स्पष्ट कारण नहीं है, यह आनुवंशिक भी हो सकता है।
समय से इलाज करने पर सही हो जाता है रोग
समय से उपचार शुरू करने पर कुछ साल दवा चले तो यह रोग ठीक हो जाता है। बीमारी बढ़ जाने पर बच्चे परिवार पर बोझ बन जाते हैं। हमेशा उन्हें परिवार के सहारे की जरूरत पड़ती है। इसलिए बच्चों की गतिविधियों पर ध्यान दें, असामान्य लगे तो डॉक्टर को दिखाएं। डा. अमित कुमार शाही, , मानसिक रोग विशेषज्ञ, जिला अस्पताल
ये हैं लक्षण
- बोलने में दिक्कत
- सीखने-समझने में परेशानी
- खिलौनों, चाबी, रिमोट आदि को बार-बार पटकना
- सुने शब्दों को बार-बार बोलते रहना
- अपनी परछाईं से भी खेलते रहना
- नाम लेकर बुलाने पर भी कोई प्रतिक्रिया न देना
- किसी चीज को बोलकर मांगने की बजाय उसकी ओर इशारा करना
- आंख से आंख न मिलाना
- हमेशा अकेले रहना
- अनावश्यक ही हंसते रहना
