सिद्धार्थनगर : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को ट्वीट कर किसी भी बीमारी से हुई मौत में उनके बच्चों को मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना में लाभ मिलेगा। अभी तक कोरोना से हुई मौत में उनके बच्चों को इस योजना का लाभ मिलना था। मुख्यमंत्री के इस फैसले से अन्य अनाथ बच्चों के चेहरों पर मुस्कान आ गई है अब उनके भी उम्मीदों के पंख लगेंगे। अनेक ऐसे बच्चे हें जिन्होंने अपने अभिभावक को कोरोना संक्रमण, अन्य बीमारियों से व दुर्घटनाओं में खो दिया है। किसी ने पिता तो कोई अपनी मां को खो दिया है।

दो वर्ष पहले महुआ गांव के निवासी रमावत लोधी का बीमारी के कारण निधन हो गया था। परिवार में पत्नी व चार बच्चे हैं। पैसे के अभाव में इलाज नहीं हो सका था। निधन के बाद सरकार की ओर से 30 हजार रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की गई थी। मां किसमाती मेहनत मजदूरी कर बच्चों को पाल रही है।

महुआ गांव की निवासी सोना की बीमारी से मौत हो गई थी। पैसे के अभाव में पति रामायण लोधी आपरेशन नहीं करा पाया था। पिता मेहनत मजदूरी कर बच्चों की परवरिश कर रहा है। चार छोटे-छोटे बच्चे है।

महुआ गांव के धर्मराज आठ वर्ष पहले अपने चार नाबालिग बच्चों को छोड़ कर गुजरात रोजी रोटी के लिए गए थे। आजतक उनकी वापसी नहीं हुई। पत्नी जुगलावती किसी तरह मेहनत मजदूरी कर बच्चों का पालन पोषण कर रही है। सरकारी नौकरी में रुटीन प्रक्रिया है तबादला

सिद्धार्थनगर : जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी संजय कुमार पांडेय का विदाई समारोह शुक्रवार को नगर के एक होटल में हुआ। उनका स्थानातंरण इसी पद पर सोनभद्र में हुआ है। लोगों ने उनके कार्यकाल का स्मरण किया।

जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी ने कहा सरकारी नौकरी में ट्रांसफर व पोस्टिग रुटीन प्रक्रिया है। तीन वर्ष के कार्यकाल का स्मरण सुखद रहा। किसानों को अपना अनाज बेचने में परेशानी नहीं हो इसे सर्वोपरि रखा। जिला पूर्ति अधिकारी बृजेश मिश्रा, डिप्टी आरएमओ राजू पटेल, जिला प्रबंधक पीसीएफ अमित चौधरी, राकेश दत्त त्रिपाठी, उमेश मणि आदि मौजूद रहे।

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