गोरखपुर, जागरण संवाददाता : जिले में नियम विरुद्ध चल रहे ट्रामा सेंटरों पर कार्रवाई की तैयारी है। मुख्य चिकित्साधिकारी (सीएमओ) ने नोडल अधिकारी नर्सिंग होम डा.एनके पांडेय के नेतृत्व में जांच टीम का गठन कर दिया है। टीम अस्पतालों की जांच कर नियम विरुद्ध चल रहे ट्रामा सेंटरों पर वैधानिक कार्रवाई करेगी।

जिले में किसी भी अस्‍पताल को ट्रामा सेंटर चलाने की अनुमति नहीं

सीएमओ डा. सुधाकर पांडेय ने बताया कि जिले में किसी भी अस्पताल को ट्रामा सेंटर चलाने की अनुमति नहीं दी गई है। जिन अस्पतालों ने अपने नाम के आगे ट्रामा सेंटर जोड़कर अनुमति प्राप्त कर ली है, उन्हें भी ट्रामा चलाने की इजाजत नहीं है। यदि कोई ट्रामा के नाम पर मरीजों को गुमराह कर रहा है तो यह नियम विरुद्ध है। ऐसे अस्पतालों पर कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।

बिना अनुमति के 24 से अधिक ट्रामा सेंटर संचालित

जिले में बिना अनुमति 24 से अधिक ट्रामा सेंटर संचालित हो रहे हैं। एंबुलेंसकर्मियों, आशा कार्यकर्ताओं व रिक्शा चालकों की मदद से इनका धंधा चल रहा है। कमीशन एजेंट के रूप में कार्य करने वाले यह लोग मामूली धन की लालच में मरीजों को मौत के मुंह में झोंक देते हैं। मरीजों को गुमराह कर यह लोग सरकारी अस्पतालों से इन निजी अस्पतालों में शिफ्ट करा देते हैं, जहां इलाज के नाम पर सिर्फ धन वसूली की जाती है। कई मामलों में मरीज की मौत भी हो जाती है। इसके बाद भी अस्पताल का बिल बढ़ता जाता है। ऐसे कई मामले सामने आने के बाद भी विभाग ने ऐसे अस्पतालों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। वजह साफ है, अस्पताल संचालकों ने नेटवर्क वहां भी फैला रखा है। कार्रवाई से पहले उन्हें जानकारी मिल जाती है। यदि कार्रवाई हो भी गई तो कुछ दिन बाद माहौल सामान्य होते ही अस्पताल पुन: संचालित होने लगते हैं।

नहीं बख्‍शे जाएंगे मरीजों की जान के साथ खिलवाड़ करने वाले

सीएमओ डा.सुधाकर पांडेय ने कहा कि मरीजों की जान के साथ खिलवाड़ करने वाले बख्शे नहीं जाएंगे। जो भी अस्पताल ट्रामा सेंटर लिखकर मरीजों को गुमराह कर रहे हैं। उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

Edited By: Rahul Srivastava