गोरखपुर, (जेएनएन)। सौभाग्य योजना में निश्शुल्क कनेक्शन न लेकर कटिया से बिजली जलाने वालों के खिलाफ अब निगम सख्ती करेगा। कटिया हटाने के बाद भी चोरी से बिजली जलाते पकड़े गए लोगों को अब बख्शा नहीं जाएगा। सभी के खिलाफ बिजली चोरी की एफआइआर के साथ ही भारी-भरकम पेनाल्टी भी लगाई जाएगी। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी सौभाग्य योजना के तहत उन घरों तक बिजली पहुंचाई जा रही है जहां आज तक तार नहीं गए हैं।
इस योजना में केंद्र सरकार ने हजारों करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। लोगों को योजना की जानकारी के लिए प्रदेश सरकार प्रचार-प्रसार करा रही है। होर्डिग, हैंडबिल, रथ, डुगडुगी और व्यक्तिगत मुलाकात कर लोगों को कनेक्शन लेने के संबंध में जानकारी दी जा रही है। साथ ही बताया जा रहा है कि अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और गरीबों को कनेक्शन निशुल्क दिया जा रहा है। इसके बाद भी भारी संख्या में लोग कनेक्शन नहीं लेना चाह रहे हैं। इसकी वजह कटिया से बिजली जलाना है।
अफसर ऐसे लोगों से बात कर रहे हैं। कुछ तो कनेक्शन लेने के लिए तैयार हो जा रहे हैं लेकिन ज्यादातर बहाना कर रहे हैं। छापामारी की बनाई जा रही रणनीति सौभाग्य योजना में निश्शुल्क कनेक्शन लेने में आनाकानी और कटिया से बिजली जलाने वालों को रंगे हाथ पकड़ने के लिए निगम छापामारी की रणनीति बना रहा है। इसके तहत गांवों में कटिया से बिजली जलाने वालों के घर से कटिया हटाकर उन्हें कनेक्शन लेने के लिए प्रेरित किया जाएगा। इसके बाद भी यदि उन्होंने कनेक्शन नहीं लिया और कटिया से बिजली जलाते मिले तो एफआइआर दर्ज करा दी जाएगी।
31 अक्टूबर तक थी डेडलाइन
गोरखपुर जिले में सौभाग्य योजना के तहत नई लाइन बनाने, नए ट्रांसफार्मर लगाने का काम कार्यदायी संस्था एलएंडटी को सौंपा गया है। संस्था को 31 दिसंबर तक काम पूरा करना है। हालांकि अफसरों ने एलएंडटी को 31 अक्टूबर तक काम पूरा करने का लक्ष्य दिया था। फिलहाल अभी काम आधा भी नहीं हो सका है। देवरिया में एलएंडटी को 31 दिसंबर तक काम पूरा करना है। इसके अलावा महराजगंज और कुशीनगर में कार्यदायी संस्था जैक्सन को 31 दिसंबर तक सौभाग्य योजना से जुड़े कार्य पूरे करने हैं। होगी कार्यवाही चीफ इंजीनियर एमके अग्रवाल का कहना है कि सौभाग्य योजना के तहत निश्शुल्क कनेक्शन लेने के लिए लोगों को लगातार जागरूक किया जा रहा है।
डुगडुगी पिटवाने के साथ ही पंपलेट, व्यक्तिगत रूप से मुलाकात, रथ आदि के माध्यम से फायदे बताए जा रहे हैं। इसके बाद भी जो लोग कटिया से बिजली जलाते मिलेंगे पहले उनका केबिल उतार लिया जाएगा और कनेक्शन के लिए प्रेरित किया जाएगा। इसके बाद भी कटिया लगाकर बिजली जलाते मिले तो एफआइआर कराई जाएगी।