गोरखपुर, उमेश पाठक। Industrial Development of Gorakhpur: कभी गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण (गीडा) में औद्योगिक इकाई लगाने को लेकर उद्यमियों के मन में आशंका रहती थी लेकिन जब उन्हें सुरक्षित माहौल मिला तो वे निवेश के लिए आगे आए। 2017 से अब तक गीडा में छोटी-बड़ी करीब 170 औद्योगिक इकाइयां स्थापित हो चुकी हैं और करीब 200 करोड़ रुपये का निवेश भी हुआ है। निवेश बढ़ा तो रोजगार के अवसर भी बढ़े। इन इकाइयों में करीब 2500 लोगों को रोजगार मिला है। नई इकाइयों के स्थापित होने से गोरखपुर विकास के पथ पर तेजी से अग्रसर हुआ है।

2017 से लेकर अब तक गीडा में हुआ है करीब 200 करोड़ रुपये का निवेश

गीडा की स्थापना के बाद यहां इकाइयां स्थापित होने लगी थीं लेकिन इकाइयों के संचालन में उद्यमियों कोई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता था। अनावश्यक राजनीतिक दखल, वसूली जैसे आरोपों के चलते इस क्षेत्र की काफी नकारात्मक छवि बन रही थी, जिसके चलते नया निवेश काफी कम हो रहा था। सांसद रहते हुए योगी आदित्यनाथ उद्यमियों के उत्पीड़न के खिलाफ आवाज उठाते थे। 2017 में उनके मुख्यमंत्री बनने के बाद गीडा का माहौल पूरी तरह से बदल गया। एक-एक कर कई उद्यमियों ने निवेश करना शुरू कर दिया। यहां कोका कोला एवं आदित्य बिड़ला समूह भी अपनी इकाइयां लगाने की तैयारी में हैं।

300 करोड़ के निवेश को तैयार 68 उद्यमी

गीडा में करीब छह महीने पहले ही 68 उद्यमियों को भूखंड आवंटित किए गए हैं। ये उद्यमी यहां करीब 300 करोड़ रुपये का निवेश करने जा रहे हैं। हाल ही में 13 उद्यमियों को और भूखंड मिला है। उनकी ओर से भी करोड़ों रुपये का निवेश किया जाएगा। इस निवेश से भी बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है।

गारमेंट पार्क व फ्लैटेड फैक्ट्री को मंजूरी

रेडीमेड गारमेंट को बढ़ावा देने के लिए गीडा में गारमेंट पार्क एवं फ्लैटेड फैक्ट्री को मंजूरी मिल गई है। गारमेंट पार्क में भी 101 उद्यमियों को भूखंड मिलने जा रहा है। फ्लैटेड फैक्ट्री में भी 70 उद्यमियों को इकाई स्थापित करने के लिए जगह मिलेगी।

2017 के बाद लगी कुछ प्रमुख इकाइयां

सैनिटरी पैड बनाने की इकाई, नट बोल्ट, आटो पार्ट्स, मेडिकल उपकरण, स्टील पाइप, इलेक्ट्रिकल वायर, पानी की टंकी बनाने की इकाई।

2017 के बाद गीडा का माहौल काफी बेहतर हुआ है। उद्यमी स्वयं को सुरक्षित महसूस करते हैं और निवेश के लिए आकर्षित होते हैं। बाहर के कई उद्यमी यहां इकाई लगाने के लिए संपर्क में हैं। - एसके अग्रवाल, पूर्व अध्यक्ष, चैंबर आफ इंडस्ट्रीज।

गीडा में निवेश का बेहतर माहौल बनाया जा रहा है। उद्यमियों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित किया जा रहा है। निवेश के लिए आने वाले उद्यमियों को कोई परेशानी नहीं होगी। पर्याप्त भूखंड भी उपलब्ध हैं। - रवि कुमार एनजी, मंडलायुक्त।

Edited By: Pradeep Srivastava