प्रदीप श्रीवास्‍तव, गोरखपुर। बीर बहादुर सिंह स्‍पोर्टस कॉलेज गोरखपुर के करीब चार सौ बच्‍चों के लिए यह किसी वरदान से कम नहीं था। उन्‍होंने कभी सोचा नहीं होगा कि भाजपा विधायक की एक पहल से उनकी सबसे सबसे बड़ी समस्‍या आधा घंटे में दूर हो जाएगी। विधायक के पास छात्रों की समस्‍या पहुंची तो उन्‍होंने खेल मंत्री और एक स्‍थानीय चिकित्‍सक से बात की और बच्‍चों की परेशानी दूर हो गई।

यह थी समस्‍या

गाेरखपुर के स्‍पोर्टस कॉलेज में करीब चार सौ बच्‍चे खेल का प्रशिक्षण लेते हैं। पूरे प्रदेश से आने वाले यह बच्‍चे स्‍पोर्टस कॉलेज के हाॅस्‍टल में ही रहते हैं। प्रैक्टिस के समय चोट लगने या तबियत खराब होने की दशा में स्‍पोर्टस कॉलेज में इलाज की कोई व्‍यवस्‍था नहीं है। स्‍पोर्टस कॉलेज में चिकित्‍सक का पद तो है लेकिन किसी चिकित्‍सक की तैनाती नहीं है। पिछले पांच साल से यहां कोई चिकित्‍सक नहीं है। विद्यार्थियों की तबियत खराब होने या चोट लगने की दशा में स्‍पोर्टस कॉलेज प्रबंधन और यहां के शिक्षक चाहकर भी अपने विद्यार्थियों के लिए कुछ नहीं कर पाते थे।

विधायक तक पहुंचा मामला तो आधा घंटा में हो गई इलाज की व्‍यवस्‍था

यह मामला गोरखपुर नगर के भाजपा विधायक डॉ. राधा मोहन दास अग्रवाल के पास तक पहुंचा तो उन्‍होंने पहले स्‍पोर्टस कॉलेज के प्राचार्य और फ‍िर खेल एवं युवा कल्याण मंत्री से बात की। प्रशासनिक स्‍तर पर समस्‍या के समाधान में कुछ समय लगता देख विधायक ने अपने स्‍तर से स्‍थानीय स्‍तर पर पहल की और थोड़ी कोशिश के बाद सफलता मिल गई। विधायक ने संस्कार भारती के प्रान्तीय महामंत्री तथा स्पोर्ट्स कालेज के ठीक सामने स्थित दिव्यमान चिकित्सालय के प्रोपराइटर डॉ. आशीष श्रीवास्तव से बात की।

बच्‍चों के लिए चमत्‍कार है नई व्‍यवस्‍था

विधायक के अनुरोध पर डॉ. आशीष अपने चिकित्‍यालय में स्‍पोर्टस कॉलेज के सभी छात्र-छात्राओं का नि:शुल्‍क इलाज के तैयार हो गए। स्‍पोर्टस कॉलेज के बच्‍चों के लिए यह किसी चमत्‍कार से कम नहीं था।

प्रतिदिन पड़ती है चिकित्‍सक की जरूरत

स्‍पोर्टस कॉलेज में किसी न किसी बच्‍चे को प्रतिदिन चिकित्‍सक की जरूरत पड़ती है। करीब चार सौ बच्‍चों में प्रैक्टिस के दौरान दो चार बच्‍चों को प्रतिदिन हल्‍की चोटें लगती रहती हैं।

पहले इस तरह से होता था इलाज

किसी विद्यार्थी को चोट लगने या बीमार होने की दशा में कॉलेज का कोई सीनियर छात्र बीमार या घायल छात्र-छात्रा को लेकर मेडिकल कॉलेज इलाज कराने के लिए जाता था। इससे दोनो छात्रों को दिन भर का समय लगता था और उनकी पढ़ाई और प्रैक्टिस प्रभावित होती थी। यहां के अध्‍यापक लाख कोशिश के बाद भी अपने विद्यार्थियों की कोई मदद नहीं कर पाते थे।

अब कॉलेज के गेट पर ही हो गई इलाज की व्‍यवस्‍था

विधायक की पहल के बाद अब कॉलेज के गेट पर ही सभी छात्र-छात्राओं का इलाज हो रहा है वह भी पूरी तरह से नि:शुल्‍क। इससे यहां के अध्‍ययापकों और विद्यार्थियों को काफी राहत मिल रही है।

तीन दिन तक नहीं हो पाया था छात्रा का इलाज

बीते दिनों प्रैक्टिस के दौरान एक छात्रा को चोट लग गई थी। उक्‍त छात्रा का तीन दिन तक इलाज नहीं हो पाया। तीन दिन बाद कॉलेज प्रशासन ने अपने स्‍तर से व्‍यवस्‍था की तब जाकर उस छात्रा का इलाज हुआ।

प्राचार्य ने जताई खुशी

स्‍पोर्टस कॉलेज के प्राचार्य अरुणेंद्र पांडेय ने कहा कि विधायक इस पहल से कॉलेज के छात्र छात्राओं को काफी राहत मिली है। कॉलेज के गेट पर ही अब छात्र छात्राओं को बेहतर इलाज हो रहा है।

Posted By: Pradeep Srivastava

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