सतीश कुमार पांडेय, गोरखपुर। पड़ोसी जिले के एक जनप्रतिनिधि के खास यादव जी की पुलिस महकमे में खूब चल रही है। जिले में तैनात पुलिसकर्मी यह खबर मिलने के बाद मनचाही पोस्टिंग के लिए उन्हें ढूंढ रहे हैं। विभागीय सूत्रों की माने तो जनप्रतिनिधि ने अघोषित रूप से यादव जी को जिले का गृहमंत्री बनाया है। किस थाने पर कौन तैनात होगा, किसे हटाना है और किसको रखना है, तय करने के बाद यादव जी सूची जिले में विभाग के मुखिया को सौंप देते हैं। इसे नेता जी कि इच्छा मानते हुए अमल में लाया जाता है। पिछले दो साल में उन्होंने जितने लोगों की सिफारिश की है, मनचाही पोस्टिंग मिली है। जिले के इंस्पेक्टर और दारोगा कंधे पर लगे सितारों को चमकाने के लिए यादव जी से मिलने का जुगाड़ खोज रहे हैं। चर्चा है कि सिफारिश कराने वाले लोगों को यादव जी से मिलने से पहले एक प्रक्रिया पूरी करनी पड़ती है।

'श्रीमान जी से परेशान है पुलिस

श्रीमान जी के नाम से मशहूर शहर के एक व्यापारी से पुलिस महकमा आजकल बहुत परेशान है। इसकी वजह उनकी पेशबंदी है। भूमि विवाद के एक मामले की पैरवी करने मोटी फाइल लेकर वह रोजाना पुलिस कार्यालय पहुंच जाते हैं। अधिकारियों को बताते हैं कि उनके साथ अत्याचार हो रहा है। श्रीमान जी की लच्छेदार और वेदना भरी बातों को सुन एसएसपी ने जांच के आदेश दे दिए। सीओ, थानेदार व चौकी प्रभारी ने प्रार्थना पत्र की गहनता से जांच की, तो श्रीमान जी के पीडि़त होने के प्रमाण नहीं मिले। इसकी रिपोर्ट अधिकारियों को भेज दी गई। जानकारी होने के बाद श्रीमान जी सीओ, थानेदार व चौकी प्रभारी की शिकायत लेकर रोज अधिकारियों के पास पहुंच रहे हैं। उन्हें यह बता रहे हैं कि बात न सुनने वाले एक आइजी और सीओ का तबादला करा चुके हैं। इस बार भी उनकी बात नहीं सुनी गई तो कई लोग हटेंगे।

दारोगा बेवफा निकला

सोशल मीडिया पर सक्रिय जिले में तैनात दारोगा की दोस्ती दो साल पहले फेसबुक के जरिये शहर की एक युवती से हुई थी। मोबाइल नंबर का आदान-प्रदान करने के बाद वह युवती से फोन पर बात करने लगा। युवती के करोड़पति होने की जानकारी मिलने पर दारोगा डोरे डालने लगा। फोन पर ही उसने शादी की पेशकश कर दी, जिसे युवती ने स्वीकार कर लिया। रिश्ता तय होने के बाद दारोगा, प्रेमिका के घर आने-जाने लगा। मौका मिलते ही उसे सिनेमा दिखाने, गोलगप्पे-चाट खिलाने और कपड़े दिलवाने ले जाता। अमीर बनने की चाहत रखने वाला दारोगा इसी बीच भ्रष्टाचार के मामले में जेल चला गया। जमानत पर छूटने के बाद उसे पता चला कि जिस लड़की से शादी होने वाली है, वह करोड़पति नहीं है। इसके बाद उसने किनारा कस लिया। दारोगा से धोखा मिलने के बाद युवती परेशान है। शादी कराने के लिए अधिकारियों से उसने गुहार लगाई है।

साहब ने लिया मुकदमा निपटाने का 'ठीका

जिले के सबसे महत्वपूर्ण थाने में दर्ज पेचीदे मामले की विवेचना लंबे समय से चल रही है। खास बात यह है कि जिसने भी इस मामले को निपटाने का प्रयास किया, वह निपट गया। इसकी वजह से कोई भी दारोगा इस मामले को खत्म करने की जहमत नहीं उठाता है। जिले में तैनात एक साहब ने इस मामले को खत्म कराने का ठीका ले लिया है। मामला अपने क्षेत्र का न होने के बाद भी वह विवेचना कर रहे दारोगा से फोन पर प्रगति पूछते हैं। कभी-कभी तो सिफारिश लेकर चौकी पर भी पहुंच जाते हैं। विवेचना कर रहे दारोगा इसको लेकर पेशोपेश में हैं कि क्या करें? साहब की बात रखने के लिए विशेषज्ञों से राय भी ली, लेकिन कोई रास्ता न निकलने पर कदम पीछे खींच लिया। उन्हें बताया गया कि मामला ठंडे बस्ते में रहने दें। एक पूर्व थाना प्रभारी समेत कई पुलिसकर्मी खामियाजा भुगत चुके हैं।

Posted By: Satish Shukla

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