संतकबीर नगर : खलीलाबाद कोतवाली थाना क्षेत्र के बड़ेला गांव निवासी दीपक कुमार की बीते सात सितंबर को उनके दो साले व ससुर द्वारा जबरन जहर पिलाकर मारने के आरोप में हत्या का मामला दर्ज है। इसके बाद भी अभी तक आरोपितों की गिरफ्तार नहीं की गई। मंगलवार को मृतक का एक वीडियो भी इंटरनेट मीडिया पर वायरल हो गया। इसके बाद गांव के लोगों ने आरोपितों की गिरफ्तारी को लेकर प्रदर्शन किया।

प्रदर्शन के दौरान गांव निवासी राम पारस निषाद, सीताराम राम, शिव श्रवण चौधरी, मनोज कुमार, अर्जुन , गोलू, रामू, सरबजीत, योगेंद्र प्रसाद आदि ने कहा कि दीपक की हत्या के एक सप्ताह बाद भी नामजद आरोपितों को पुलिस ने गिरफ्तार नहीं किया। मृतक ने अस्पताल जाने से पहले अपने मित्रों को पूरी घटना के बारे में बताया था। इसका वीडियो वायरल भी हो रहा है। सभी ने कहा कि जल्द ही हत्या के आरोपितों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो इसे लेकर कलेक्ट्रेट के सामने धरना- प्रदर्शन किया जाएगा।

हत्या मामले में इंटरनेट मीडिया पर वीडियो वायरल

संतकबीर नगर: रिश्तों में भी लोग दरिदगी की हदें कितनी पार कर सकते हैं, इसका नमूना मंगलवार को इंटरनेट मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में सामने आ रहा है। इसमें ससुराल आए युवक को उसके ही ससुर और सालों द्वारा घर बुलाकर दो गोलियों का विकल्प दिया गया। एक कट्टे की तो दूसरी सल्फास की। मौत से पहले युवक ने वीडियो में साफ बताया है कि कट़टे की गोली से मौत हो जाती परंतु जहर की गोली से बचने की उम्मीद होने से उसने जहर की गोली खाई, क्योंकि कनपटी पर कट्टे की गोली से बचा नहीं जा सकता।

मामला खलीलाबाद कोतवाली क्षेत्र के ग्राम बड़ेला निवासी दीपक कुमार का है। उनकी शादी वर्ष 2012 में कोतवाली क्षेत्र के ही ग्राम जिगिना निवासी जगराम चौधरी की बेटी रीना के साथ हुई थी। दीपक और उनकी पत्नी के बीच शादी के कुछ दिन बाद से ही अनबन चल रही थी। इसी मामले को लेकर दीपक बीते छह सितंबर को ससुराल गया था। अंदर क्या हुआ यह भगवान ही जानें, परंतु मृतक दीपक ने वीडियो में जो कहा वह चौंकाने वाला है। दीपक और उसके पिता के बयान को मिलाकर देखा जाय तो साफ तौर पर एक बात सामने आती है कि ससुर और उसके दो सालों ने असलहे के बल पर उसे जबरन जहरीला पदार्थ खिलाया। दीपक के स्वजन का कहना है कि ससुराल के लोगों ने उसे दो विकल्प दिया, एक सल्फास की गोली तो दूसरी कट्टे की। उसने सोचा कि कट्टे की गोली कनपटी पर लगने के बाद बचने की गुंजाइश नहीं है, सल्फास की गोली खाने से इलाज के दौरान बच भी सकते हैं, इसी को लेकर उन्होंने जहरीली गोली खाने का निर्णय लिया। मौत के पहले के वीडियो में दीपक भी यही कह रहे हैं। पुलिस पहले तो मामले को दबाने में लगी रही। परंतु स्वजन व ग्रामीणों के दबाव पर मामला दर्ज किया था। लेकिन अभी तक आरोपितों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।

सीओ अंशुमान मिश्र ने बताया कि

मामला सात सितंबर का है। मौत के बाद पुलिस ने ससुर और साले के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया है। मामले की निष्पक्षता से जांच करवाई जा रही है। किसी भी आरोपित को बख्शा नहीं जाएगा। मंगलवार को वायरल वीडियो की पुलिस जांच कर रही है। मृतक का बयान चौकाने वाला है।

Edited By: Jagran