गोरखपुर, जागरण संवाददाता : कोरोनारोधी टीकाकरण महाअभियान के तहत सिद्धार्थनगर जनपद में टीकाकरण अभियान चलाया गया। 263 बूथों पर 54 हजार लोगों को टीका लगा, जबकि विभाग ने 50 हजार लोगों के टीकाकरण का लक्ष्य निर्धारित किया था। टीकाकरण के लिए 300 टीमों का गठन किया गया था। सात अधिकारियों को नोडल बनाया गया था। यह बूथों पर जाकर स्थित‍ि की निगरानी कर रहे थे।

सीएचसी जोगिया पर सैकड़ों लोगों को नहीं लगा टीका, किया प्रदर्शन

सीएचसी जोगिया पर दोपहर में ही टीका खत्म हो गया। टीका खत्म होने से सैकड़ों लोगों को टीका नहीं लग पाया। इससे नाराज लोगों ने अस्पताल के बाहर प्रदर्शन किया। डीएम दीपक मीणा के मनाने और बुधवार को टीका लगवाने के आश्वासन पर नाराज लोग वापस घर लौटे। जोगिया सीएचसी को तीन हजार टीका मिला था। 20 बूथ बनाए गए थे। दोपहर होते ही अधिकांश केंद्रों पर टीका खत्म हो गया। इसके बाद लोग हंगामा करने लगे। उन्होंने समझा- बुझाकर लोगों को शांत कराया। पुलिस भी पहुंची। तमाम स्थानों पर भीड़ बेकाबू की सूचना पर एएसपी सुरेश चंद्र रावत ने सभी सीओ व एसओ को क्षेत्र में बने बूथों पर भेजा। कहा कि भीड़ व अव्यवस्था रोकने के लिए आवश्यक उपाय करने को कहा।

उसका सीएचसी पर 3436 व्‍यक्तियों का हुआ टीकाकरण

उसका सीएचसी से जुड़े 17 केंद्रों पर 3436 व्यक्तियों का टीकाकरण किया गया। यहां तीन हजार लोगों को टीका लगाने का लक्ष्य था। ग्राम पंचायत हरैया के निवासी लौटू ने बताया कि उन्हें कोरोना की पहली डोज लगनी है। शिवप्रसाद, कमलावती, दयामती आदि ने कहा कि टीका लगने की जानकारी पर आया। सुबह से ही लाइन में लगे थे, पर टीका नहीं लग सका। डेरवा हरैया, निपनिया, बकरहुवां ,सोनौरा , खेतवल तिवारी, भूतहिया, रिवांनानकार , गायघाट, धोभहा, चिनगीहवा, सेहुणा,जोगीबारी, अहडी, बभनी, भटमला, खेतवल मिश्र, धनगढिया, नदवलिया, कोडरताल व कड़जहवा गांव के प्राथमिक विद्यालय एवं पंचायत भवन में टीका लगा। ककरहवा में कुल 750 लोगों को टीका लगा।

तीन लोगों को निराश होकर लौटना पड़ा प्राथमिक विद्यालय बजहा बाजार से

प्राथमिक विद्यालय बजहा बाजार के कैंप में 15 वायल ही मिला था। भीड़ अधिक होने जाने पर करीब तीन सौ लोगों को निराश होकर वापस लौट गए। बढऩी ब्लाक के बसहिया में जूनियर हाईस्कूल में बने बूथ पर 208 लोगों को टीका लगा। वैक्सीन यहां भी जल्द खत्म हो गई। तमाम लोग निराश लौटे। एएसपी सुरेश चंद्र रावत ने बताया कि सभी सीओ व एसओ को बूथों पर निगरानी के लिए लगाया गया था, जहां भी विवाद की सूचना मिली, पुलिस वहां पर गई।

Edited By: Rahul Srivastava