गोरखपुर, जेएनएन। मध्यप्रदेश के सागर में हुई सड़क हादसे से डुमरियागंज के कई लोगों की मौत के बाद प्रशासन अलर्ट मोड़ में आ गया है। सड़क पर फालतू घूमने, बाइक पर एक से अधिक बैठने सहित अन्य गतिविधियों पर निगाह तेज कर दी गई है। प्रवासियों की थर्मल स्क्री¨नग के बाद उन्हें घर तक पहुंचाने की व्यवस्था प्रशासन के जिम्मे है। बावजूद प्रवासियों को पैदल ही घर जाना पड़ रहा है। रविवार को मुंबई से लगभग तीन दर्जन प्रवासी ट्रक से जिले में पहुंचे। जोगिया के पास ही चालक ने सभी को छोड़ दिया। वहां से कुछ लोग टेंपो में भूसे की तरह बैठकर तो कुछ पैदल ही घर के लिए चल दिए। धूप के कारण पसीने से तरबतर दिखे। लोटन क्षेत्र के लिए पैदल निकले उमेश, छोटू, ओमप्रकाश आदि ने बताया कि रास्ते भर परेशान होकर किसी तरह जिले पर पहुंचे। यहां भी कोई सुविधा नहीं मिली। गर्मी में सबसे अधिक परेशानी पानी की हुई। बढ़नी प्रतिनिधि के मुताबिक रविवार सुबह से ही नेशनल हाईवे मलगहिया के पास ढेबरुआ व बढनी चौकी पुलिस ने जनपद की सीमा सील कर दी। पुलिस का कहना है कि बिना वाहन पास के किसी को सीमा में प्रवेश नहीं मिलेगी। आठ वाहनों में भूसा की तरह भरकर 115 प्रवासी मजदूरों, कामगारों को बढ़नी पुलिस चौकी इंचार्ज महेश ¨सह ने सीमा पर ही रोक लिया। वाहनों को सीज कर चालकों के विरूद्ध मुकदमा पंजीकृत किया गया। थाना इंचार्ज ने बताया 115 कामगारों में 10 महराजगंज जनपद के थे, जिन्हें उनके सीमा पर वहां के प्रशासन को सौंपा जाएगा। एसडीएम अनिल कुमार व थाना इंचार्ज तहसीलदार ¨सह ने बताया कि शासन के मंशानुरूप बाहर से आये प्रवासियों को स्थानीय स्तर पर साधन उपलब्ध कराकर उनके घर पहुंचाया जा रहा है।

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