गोरखपुर, जेएनएन। मंडी में आवक कम होते ही सब्जियां महंगी होने लगी हैं। आलू, गोभी, साग को छोड़ सभी सब्जियों के भाव में 20 से लेकर 50 फीसद तक बढ़ोतरी हुई है। महंगी होने की वजह से कई सब्जियां रसोई से नदारद होने लगी है। बुधवार को गली-मोहल्लों से लेकर शहर के प्रमुख सब्जी बाजार में नेनुआ व बैंगन 50 तो भिंडी 60 रुपये किलो तक बिकी।

नवंबर से 15 फरवरी तक खूब सस्ती बिकी सब्जियां

नवंबर से लेकर 15 फरवरी तक महेवा स्थित थोक मंडी में सब्जियों की भरपूर आवक थी। स्थानीय सब्जियों के भी बाजार में आने से परवल एवं भिंडी को छोड़ अधिकांश सब्जियां 30 रुपये प्रतिकिलो से नीचे आ गई थी। फरवरी के तीसरे सप्ताह से ही सब्जियों के दाम बढऩे लगे थे, जो मार्च आते-आते ऊंचाई पर पहुंच गए। आमतौर पर 20 से 25 रुपये किलो मिलने वाला मटर 40 रुपये पार कर गया है। इसी तरह लौकी, करेला और नेनुआ भी आम लोगों की पहुंच से दूर होता जा रहा है। बाहरी से आने वाली इन सब्जियों की न सिर्फ कीमत ज्यादा है, बल्कि जायका भी अच्‍छा नहीं है। थोक कारोबारी हाजी रमजान मेकरानी ने बताया कि डीजल का दाम बढऩे से दूसरे प्रदेशों से आने वाली सब्जियां के कीमत पर असर पड़ रहा है। सब्जी की जो गाड़ी पहले 40 हजार में आती थी, अब उसके लिए 45 हजार रुपये तक देना पड़ रहा है। बेनीगंज में सब्जी फुटकर विक्रेता संदीप ने बताया कि टमाटर, गोभी और प्याज छोड़कर सभी सब्जियों के भाव में उछाल आया है। गोभी और साग खाते-खाते लोग ऊब गए हैं, इसलिए उन दोनों सब्जियों को कोई पूछ नहीं रहा है। गोरखनाथ निवासी प्रीति गुप्ता ने बताया कि परवल खरीदने के लिए बेतियाहाता जाना पड़ा। जिंदगी में पहली बार 150 रुपये किलो सब्जी खरीदी।

बुधवार को फुटकर बाजार में सब्जी का भाव प्रति किलो (रुपये में)

मटर -  40

टमाटर - 20

आलू - 15

बैंगन - 40

परवल - 150

भिंडी - 60

लौकी - 40

हरी मिर्च - 50

धनिया पत्ती - 40

करेला - 80

नेनुआ - 50

गोभी - 20

साग - 18 

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