गोरखपुर, जेएनएन। डीजल के दाम बढऩे का असर अब आवश्यक चीजों की कीमतों पर दिखने लगा है। इसके साथ ही कई राज्यों में तेज बारिश होने की वजह से सब्जियों की कीमतें बढ़ी हैं। बैंगलोर से आने वाला टमाटर 50, खीरा 60 तो लोकल परवल 80 रुपये किलो बिक रहा है। सुकून की बात यह है कि सब्जियों का राजा आलू की कीमतों में कोई बढ़ोतरी नहीं हो रही है। कारोबारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में सब्जियों कीमतों में और तेजी आएगी। ऐसा इसलिए क्योंकि देश में मानसून आ चुका है। मुसलाधार बारिश में सब्जी की फसल खराब हो जाती है। इसलिए हरी तथा मौसमी सब्जी की उपलब्धता कम हो जाएगी।

दूसरे राज्‍यों से आती हैं ज्‍यादातर सब्जियां

मंडी में आने वाली 80 फीसद सब्जियां दूसरे राज्यों से आती हैं। डीजल की कीमतों में हो रही लगातार बढ़ोतरी के कारण सब्जियों पर महंगाई की मार भी पडऩे लगी है। इसके साथ ही सब्जी की फसल प्रभावित हुई है, ऐसे में आवक में कमी आई है। इसके साथ ही डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी से 10 से 15 फीसद तक किराया भी बढ़ा है। जिसका सीधा असर सब्जियों की कीमतों पर पड़ रहा है। खेत में पानी लगने के कारण लोकल सब्जियों को भी नुकसान पहुंचा है। सूर्यविहार निवासी रमेश प्रताप ने बताया कि एक सप्ताह में सब्जियों के दो दोगुने हो गए हैं। जब परवल 40 रुपसे किलो मिलता था उसे 80 रुपये खरीदना पड़ रहा है। बक्शीपुर की रीना श्रीवास्तव ने बताया कि साग को छोड़ चालीस रुपये किलो से नीचे कोई सब्जी नहीं है। आमतौर पर 30 रुपये किलो बिकने वाला बैंगन 50 से 60 रुपये मिल रहा है।

सब्जियों की कीमत प्रति किलो

गोरखपुर में सब्जियों के अचानक दाम बढ़ जाने से लोग परेशान हो गए हैं। इस समय नेनुआ 40 रुपये किलो, प्याज 30 रुपये किलो, आलू 20 रुपये किलो, परवल 80 रुपये किलो, टमाटर 50 रुपये किलो, बैगन 50 रुपये किलो, खीरा 60 रुपये किलो, भिंडी 40 रुपये किलो, साग 30 रुपये किलो के हिसाब से मिल रहा है।

Edited By: Satish Chand Shukla