गोरखपुर, जागरण संवाददाता। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में खाली चल रहे शैक्षणिक और शिक्षणेत्तर पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। सभी तरह के पदों के लिए देश भर से पर्याप्त आवेदन विश्वविद्यालय को प्राप्त हुए हैं। प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर और असिस्टेंट प्रोफेसर के कुल 117 पदों पर देश भर से 3572 अभ्यर्थियों ने ऑनलाइन आवेदन किया है। शिक्षणेत्तर 24 पदों के लिए 1188 लोगों के आवेदन आए हैं।

शिक्षणेत्तर 24 पदों के लिए 1188 लोगों ने किया आवेदन, अस्थायी पदों के प्रति भी दिखी रुचि

सर्वाधिक 2218 आवेदन असिस्टेंट प्रोफेसर पद लिए किए गए हैं। यह आवेदन 44 पदों के सापेक्ष हैं। आवेदन के इन आंकड़ोंं के अनुसार एक सीट पर इस पद के लिए करीब 50 लोगों की दावेदारी है। प्रोफेसर के 23 पदों के लिए 101, एसोसिएट प्रोफेसर के 50 पदों पर 397 लोगों ने आवेदन किया है। यानी प्रोफेसर में एक पद के लिए चार और एसोसिएट प्रोफेसर में एक सीट के लिए सात लोगों के बीच प्रतिस्पर्धा होगी।

अस्थायी पदों के प्रति भी दिखी रुचि

इस वर्ष से संचालित होने वाले इंस्टीट्यूट आफ एग्रीकल्चर एंड नेचुरल साइंसेज, इंस्टीट्यूट आफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलाजी के 32 अस्थायी पदों के साथ विभिन्न राजेगारपरक कोर्स के लिए गेस्ट फैकल्टी के रूप में भी विश्वविद्यालय ने आनलाइन आवेदन आमंत्रित किया था। इसके लिए भी 237 लोगों ने आवेदन किया है। विश्वविद्यालय प्रशासन अब आवेदन पत्रों की स्क्रीनिंग की तैयारी कर रहा है। वर्ष के अंत तक नियुक्ति प्रक्रिया पूरी कर लेने की विश्वविद्यालय की योजना है।

बढ़ाई गई थी आवेदन करने की अंतिम तिथि

विश्वविद्यालय ने आनलाइन आवेदन के लिए पहले 30 जून की तिथि निर्धारित की थी। कोरोना संक्रमण के चलते कोई इच्छुक और योग्य अभ्यर्थी आवेदन से चूक न जाए, इसके लिए यह तिथि 20 जुलाई तक के लिए बढ़ा दी थी। विश्वविद्यालय के इस फैसले से आवेदन करने की संख्या में 20 फीसद का इजाफा हुआ।

गोरखपुर विश्वविद्यालय वार्षिक परीक्षा : प्रश्नपत्र में प्रयोग ज्यादातर को भाया तो कुछ को उलझाया

दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय की इस वर्ष की वार्षिक परीक्षा कुछ अलग थी। कोविड के चलते प्रश्नपत्रों का प्रारूप बदला हुआ था। इस लेकर परीक्षा देने जा रहे विद्यार्थियों के चेहरे पर कौतूहल साफ नजर आ रहा था। कुछ विद्यार्थी परीक्षा में आने वाले बहुविकल्पीय प्रश्नों को लेकर परेशान थे तो कुछ नए प्रयोग के चलते खुश। यह स्थिति पहली और दूसरी दोनों पालियों में देखने को मिली। हालांकि परीक्षा देने के बाद ज्यादातर विद्यार्थी प्रसन्नचित्त नजर आए।

कुछ विद्यार्थियों की प्रतिक्रिया असंतोष भरी रही। उनका कहना था कि उन्होंने पहली बार बहुविकल्पीय उत्तर आधारित परीक्षा दी है, ऐसे में परीक्षा के दौरान उन्हें कई बार उन्हें उलझाव सा महसूस हुआ। पहले दिन पहली पाली में बीए भाग तीन की अर्थशास्त्र की और बीएससी भाग तीन की इंडस्ट्रियल माइक्रोबायोलाजी, इलेक्ट्रानिक्स एंड कम्युनिकेशन और एमए द्वितीय वर्ष की अर्थशास्त्र व समाजशास्त्र की परीक्षाा आयोजित हुई। दूसरी पाली में बीए द्वितीय वर्ष की उर्दू, पाली व गणित और बीएससी द्वितीय वर्ष की गणित व वनस्पति विज्ञान की परीक्षा आयोजित हुई।

Edited By: Pradeep Srivastava