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UP के हर थाने में खुलेगी कट्टरपंथी नेटवर्क की गोपनीय डायरी, हर माह पुलिस मुख्यालय व ATS तक पहुंचेगी सूचना

By Satish PandeyEdited By: Vivek Shukla
Published: Wed, 22 Jul 2026 12:56 PM (IST)

उत्तर प्रदेश में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अब हर थाने में कट्टरपंथी और संदिग्ध गतिविधियों पर गोपनीय डायरी ...और पढ़ें

जातीय, सांप्रदायिक, मतांतरण आदि गतिविधि पर रहेगी पुलिस की नजर। जागरण

जातीय, सांप्रदायिक, मतांतरण आदि गतिविधि पर रहेगी पुलिस की नजर। जागरण

HighLights

  1. हर थाने में कट्टरपंथी गतिविधियों की गोपनीय डायरी बनेगी।

  2. साप्ताहिक ब्योरा पुलिस मुख्यालय और एटीएस को भेजा जाएगा।

  3. जातीय, सांप्रदायिक तनाव व मतांतरण पर रखी जाएगी नजर।

सतीश पांडेय, गोरखपुर। प्रदेश में शांति और कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती बन सकने वाली गतिविधियों पर अब थाने स्तर से ही नजर रखी जाएगी। कट्टरपंथी और संदिग्ध नेटवर्क की गतिविधियों की जानकारी जुटाने के लिए प्रदेश के प्रत्येक थाने में गोपनीय डायरी तैयार की जाएगी। इसमें क्षेत्र में सक्रिय ऐसे व्यक्तियों, समूहों और संगठनों की गतिविधियों का साप्ताहिक ब्योरा दर्ज होगा, जो जातीय या सांप्रदायिक तनाव, मतांतरण, अति-वामपंथी गतिविधियों या कट्टरपंथी नेटवर्क से जुड़े हो सकते हैं।

पुलिस मुख्यालय ने सभी थानों से हर सप्ताह गोपनीय रिपोर्ट तैयार करने को कहा है। थानों से मिली सूचनाओं का संकलन स्थानीय अभिसूचना इकाई (एलआइयू) करेगी। इसके बाद हर माह की पांच तारीख तक रिपोर्ट एडीजी जोन के माध्यम से पुलिस मुख्यालय भेजी जाएगी। इसकी प्रति आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) को भी उपलब्ध कराई जाएगी।

इस व्यवस्था का उद्देश्य संवेदनशील गतिविधियों की जानकारी जिला स्तर पर मामला बनने या कानून-व्यवस्था बिगड़ने का इंतजार किए बिना ऊपर तक पहुंचाना है। आइजी कानून-व्यवस्था एल.आर. कुमार ने सभी पुलिस आयुक्तों, जोनल एडीजी, जिलों के एसएसपी/एसपी को पत्र भेजकर निर्देश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा है।

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गोपनीय डायरी में दर्ज होती हैं संवेदनशील
सूचनाएं थाने की गोपनीय डायरी पुलिस का आंतरिक और गोपनीय अभिलेख होती है। इसमें थाना क्षेत्र की कानून-व्यवस्था और सुरक्षा से जुड़ी संवेदनशील सूचनाएं दर्ज की जाती हैं। इसका उद्देश्य संवेदनशील गतिविधियों की समय रहते जानकारी जुटाना है।

इसके आधार पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक रणनीति तैयार कर पुलिस जरूरत पड़ने पर समय रहते कार्रवाई करती है। अब आइजी कानून-व्यवस्था ने इसी गोपनीय डायरी को समयबद्ध ढंग से तैयार कर नियमित रूप से भेजने की व्यवस्था तय की है।