गोरखपुर, कौशल त्रिपाठी। यूपी कॉप एप की सुविधा मिलने के बाद आठ माह में जिले के 48 लोगों ने घर बैठे एफआइआर कराई। सभी पीडि़तों के द्वार पर थाना पुलिस पहुंची और साइबर क्राइम से जुड़े 13 मामलों का निस्तारण भी कराया।

इस एप के माध्यम से शहर व ग्रामीण क्षेत्र के हर पीडि़त व्यक्ति घर बैठे व यात्रा करते हुए एफआइआर करा सकता है। इसके लिए उन्हें यूपी कॉप एप को मोबाइल पर डाउनलोड करना होगा। यूपी कॉप एप की सुविधा गोरखपुर समेत प्रदेश के सभी जिलों के पीडि़तों को थाने से लेकर कप्तान के कार्यालय का चक्कर लगाने से छुटकारा दिलाएगी। शासन ने एप के जरिए दर्ज मुकदमों के पर्यवेक्षण की जिम्मेदारी कप्तान को सौंपी है।

यह भी जानिए

  • पुलिस लाइन में खुला सीसीटीएनएस का कार्यालय
  • एप से लें घरेलू सहायता, किराएदार का सत्यापन कराएं
  • ऑनलाइन ले सकेंगे चरित्र प्रमाणपत्र
  • अभद्रता की शिकायत कर सकेंगे दिव्यांग संग वरिष्ठ नागरिक
  • विरोध, प्रदर्शन, हड़ताल की अनुमति की सुविधा
  • ऑनलाइन पोस्टमार्टम रिपोर्ट की भी सुविधा

यूपी कॉप एप पुलिस से जुड़ी 27 सेवाओं की जानकारी दे रहा है। इसके जरिए ज्ञात ही नहीं अज्ञात के खिलाफ  भी केस दर्ज होगा। यह एप ई-सुरक्षा गाइड लाइन व घटनास्थल से थाने की दूरी बताता है। दो थानों का सीमा विवाद खत्म करा रहा है। पीडि़त को आन लाइन एफआईआर और आरोप पत्र की कॉपी मिलेगी। जिले में दर्ज 48 केस में से अब तक 13 का निस्तारण कराया है। शेष का भी शीघ्र निस्तारण हो जाएगा। - डॉ. सुनील कुमार गुप्त, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक।

Posted By: Pradeep Srivastava

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