संतकबीर नगर, दिलीप पाण्डेय। किस राजनीतिक दल के प्रत्याशी अथवा निर्दल उम्मीदवार ने विधानसभा चुनाव में कितना खर्च किया, कोई भी व्यक्ति नामांकन से लेकर चुनाव परिणाम की घोषणा की तिथि तक प्रत्याशियों के खर्च का ब्योरा आसानी से प्राप्त कर सकेगा। इसके लिए संबंधित व्यक्ति को प्रति पेज एक रुपया के हिसाब से शुल्क जमा करना होगा। इस बार विधानसभा चुनाव में प्रत्याशी 40 लाख रुपये खर्च कर सकेंगे। इसके पूर्व विधानसभा चुनाव खर्च की यह सीमा 28 लाख रुपये निर्धारित थी। जानिए विधानसभा चुनाव से संबंधित और भी महत्वपूर्ण बातें...

नकद दस हजार रुपये से अधिक नहीं दे सकेंगे प्रत्याशी

प्रत्याशी किसी भी व्यक्ति अथवा संस्था को नकद दस हजार रुपये से अधिक नहीं दें सकेंगे। इससे अधिक की राशि देने के लिए इन्हें एकाउंट पेयी चेक अथवा आरटीजीएस के जरिए भुगतान करना होगा। प्रत्याशियों को 50 हजार से अधिक नकद रुपया लेकर चलने पर प्रमाण व साक्ष्य रखना होगा। इसके न रहने पर फ्लाइंग स्क्वायड की टीम पैसे को जब्त कर सकती है। बैंक से एक लाख से अधिक लेन-देन करने वालों की सूची बनाई जाएगी। इस सूची को जिला निर्वाचन अधिकारी को दिया जाएगा। बैंक शाखाओं से नकद रुपया लेकर जाने वाले वाहनों पर भी नजर रहेगी। इसमें बैठे कर्मियों को नकदी से संबंधित साक्ष्य रखना होगा।

तीन भागों में विभक्त रहेगा प्रत्याशियों का व्यय रजिस्टर

प्रत्याशियों का व्यय रजिस्टर तीन भागों में विभक्त रहेगा। भाग क- यह सफेद रंग का रहेगा, इसमें दैनिक खर्च का उल्लेख किया जाएगा। भाग ख-यह गुलाबी रंग का रहेगा, इसे नकद रजिस्टर भी कहा जाता है। इसमें प्रत्याशी द्वारा पूरे दिन किए गए नकद लेन-देन की जानकारी दर्ज होगी। भाग ग- यह पीले रंग का रहेगा, यह बैंक रजिस्टर है। इसमें बैंक से किए गए ट्रांजेक्शन का विवरण देना होगा। इन तीन भागों को किस तरह भरा जाना है, लेखा टीम प्रत्याशियों को विस्तृत जानकारी देगी। प्रत्येक प्रत्याशी को चुनाव में खर्च करने के लिए अलग से बैंक खाता खोलना होगा।

प्लास्टिक झंडा, बैनर के उपयोग पर रोक

इस बार विधानसभा चुनाव में चुनाव आयोग ने पर्यावरण की सुरक्षा के मद्देनजर प्लास्टिक झंडा, बैनर आदि के उपयोग पर रोक लगा दी है। बैठक आयोजित कर इसके बारे में विस्तार से जानकारी भी दी जाएगी। प्रशासनिक व पुलिस महकमा इसका सख्ती से पालन कराएगा।

सहायक व्यय प्रेक्षक को लेखा, वीडियो सर्विलांस, वीडियो अवलोकन, व स्टैटिक टीमों, फ्लाइंग स्क्वायड, कंट्रोल रूम, शिकायत कक्ष से समन्वय स्थापित कर कार्य करना होगा। प्रत्येक ङ्क्षबदु की बीच-बीच में समीक्षा की जाएगी। - जेएन झा-नोडल अधिकारी व्यय, संतकबीर नगर।

Edited By: Pradeep Srivastava