गोरखपुर, जेएनएन। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद द्वारा संचालित हाईस्कूल व इंटर वर्ष-2020 की परीक्षा के लिए परीक्षार्थियों की संख्या में गत वर्ष की तुलना में गिरावट आई है। इस बार लगभग 4277 परीक्षार्थियों के घटने से इस बार परीक्षा केंद्र्र भी कम बनेंगे। गत वर्ष 211 केंद्र बने थे। इस बार दो सौ से भी कम परीक्षा केंद्र बनने के आसार दिख रहे हैं।

आंकड़ों पर नजर डालें तो पिछले साल हाईस्कूल व इंटर के व्यक्तिगत परीक्षार्थीदो हजार पंजीकृत थे। इस साल घटकर 1423 सौ हो गए हैं। बताया जा रहा है कि परीक्षा में सख्ती के कारण नकल माफिया के हौसले पस्त होने से उन्होंने छात्रों का नामांकन करने में कम रुचि दिखाई है।

2018-19 में पंजीकृत हाईस्कूल व इंटर के परीक्षार्थी

परीक्षार्थी     संस्थागत         व्यक्तिगत हाईस्कूल       81157           638

इंटर           68529          1365

2019-20 में पंजीकृत हाईस्कूल व इंटर के परीक्षार्थी

परीक्षार्थी     संस्थागत         व्यक्तिगत हाईस्कूल       78524           262

इंटर           67465          1161

परीक्षा केंद्रों का निर्धारण परीक्षार्थियों की संख्या के अनुसार किया जाता है। इस वर्ष हाईस्कूल व इंटर की बोर्ड परीक्षा के लिए गत वर्ष की तुलना में 4277 परीक्षार्थी कम पंजीकृत हुए हैं। ऐसे में परीक्षा केंद्रों की संख्या भी गत वर्ष की अपेक्षा इस वर्ष 15 से 20 कम रहेगी।- ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह भदौरिया, जिला विद्यालय निरीक्षक।

विद्यालयों ने की गलती, सजा भुगत रहा विभाग

उधर, उप्र माध्यमिक शिक्षा परिषद ने आनलाइन मांगी गई आधारभूत आंकड़ों में गड़बड़ी करने वाले जिले के 483 विद्यालयों के 763 पेज पर आपत्ति दर्ज की है। साथ ही इसमें 31 अक्टूबर तक सुधार करने का भी निर्देश दिया है। बोर्ड के इस फरमान के बाद जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय की परेशानी बढ़ गई है। जिम्मेदारों की इस गलती की सजा महकमा भुगत रहा है। अब कार्यालय के कर्मचारी इसे दुरुस्त करने के लिए दिन-रात जुटे हैं।

बोर्ड ने दर्ज कराई आपत्ति

परिषद ने जनपद के 491 विद्यालयों को कोड आवंटित किया गया था। वर्तमान में इनमें से 483 विद्यालय ही संचालित हैं। बोर्ड परीक्षा को लेकर जब इन विद्यालयों से आधारभूत आंकड़े मांगे गए तो आनन-फानन में सभी विद्यालयों ने सूचनाएं तो दे दी, लेकिन किसी ने भी मांगे गए विवरण के अनुसार सूचनाएं उपलब्ध नहीं कराई। बोर्ड के सत्यापन में कोई ऐसा विद्यालय नहीं मिला जिसकी सूचनाएं पूर्ण रूप से सही हो। बोर्ड ने आपत्ति दर्ज कराते हुए जिला विद्यालय निरीक्षक को पुन: सूचनाओं में सुधार कर उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।

केस एक

शहर के राजकीय जुबिली इंटर कॉलेज द्वारा भेजी गई सूचनाओं पर बोर्ड ने 46 पेज पर आपत्ति दर्ज कराई है। इनमें आसपास स्थित विद्यालयों के नजदीक व दूरी को लेकर दी गई सूचना पर आपत्ति है।

केस दो

शहर के महात्मा गांधी इंटर कॉलेज ने बोर्ड को जो आधारभूत आंकड़े उपलब्ध कराएं हैं, उनमें से बोर्ड ने 43 पेज पर आपत्ति दर्ज की है। अधिकांश आपत्ति विद्यालय द्वारा जिओ टैगिंग की गलत सूचना पर है।

बोर्ड ने जो आपत्ति दर्ज कराई है वह सही है। विद्यालयों ने यदि सही सूचनाएं दी होती तो आज यह स्थिति पैदा नहीं होती। इन विद्यालयों के विरुद्ध नियमानुसार विभागीय कार्रवाई की जाएगी। - ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह भदौरिया, जिला विद्यालय निरीक्षक

Posted By: Pradeep Srivastava

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस