गोरखपुर : छात्रसंघ चुनाव की सरगर्मी के बीच मंगलवार को विश्वविद्यालय परिसर में हुए बवाल में पुलिस ने अध्यक्ष पद के दो प्रत्याशियों तथा उनके 50-60 समर्थकों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर लिया है। हालांकि तहरीर में अध्यक्ष पद के दोनों प्रत्याशियों के नाम का उल्लेख नहीं है। विश्वविद्यालय चौकी इंचार्ज बदरुद्दीन की तहरीर पर मुकदमा दर्ज हुआ है।

विश्वविद्याल के विधि संकाय में मंगलवार को दिन में 11 बजे के आसपास प्रचार के दौरान अध्यक्ष पद के दो प्रत्याशियों के समर्थक आमने-सामने आ गए। पहले तो उनके बीच जमकर नारेबाजी हुई, बाद में उन्होंने मारपीट शुरू कर दी। विधि संकाय से मारपीट करते हुए दोनों गुट विश्वविद्यालय के मुख्य गेट पर आ गए। इस दौरान कुछ छात्रों ने मुख्य गेट के सामने खड़ी कार को क्षतिग्रस्त कर दिया। कार पर अध्यक्ष पद के प्रत्याशी रंजीत सिंह श्रीनेत का स्टीकर लगा था। देखते ही देखते स्थिति काफी भयावह हो गई।

संयोग से इसी दिन दिग्विजय नाथ डिग्री कालेज में छात्रसंघ का चुनाव चल रहा था। वहां अतिरिक्त पुलिस बल व पीएसी तैनात की गई थी। विश्वविद्यालय में गंभीर स्थिति होने पर दिग्विजय नाथ डिग्री कालेज से पुलिस बुलाकर मारपीट कर रहे दोनों गुटों पर बल प्रयोग कर स्थिति को काबू किया गया। चौकी इंचार्ज ने तहरीर में पूरे घटनाक्रम का उल्लेख करते हुए अध्यक्ष पद के दो प्रत्याशियों और उनके समर्थकों को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया है। तहरीर के आधार पर कैंट पुलिस ने देर रात इस मामले में बलवा, मारपीट, तोड़फोड़, सरकारी काम में बाधा और लोक व्यवस्था भंग करने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया है।

इस संबंध में एसएसपी शलभ माथुर का कहना है कि विश्वविद्यालय परिसर में लगे सीसी टीवी फुटेज, पुलिस द्वारा कराई गई वीडियोग्राफी और समाचार पत्रों में छपी तस्वीरों से आरोपितों की पहचान की जा रही है। पहचान होने के बाद उनकी गिरफ्तारी की जाएगी। उत्पात मचाने वालों के विरुद्ध कार्रवाई होनी तय है।

Posted By: Jagran