देवरिया: छोटी गंडक नदी में बुधवार की दोपहर नहाते समय डूबने से दो युवकों की मृत्यु हो गई। करीब एक घंटे की मेहनत के बाद शव को बाहर निकाला गया। दोनों युवकों को तैरना नहीं आता था। हादसे के बाद स्वजन में चीख पुकार मच गई। सूचना पर पुलिस भी पहुंच गई। लार क्षेत्र के रोपनछपरा गांव के 18 वर्षीय सागर गुप्ता पुत्र अक्षयलाल गुप्ता व 19 वर्षीय आकाश पुत्र मनीष गोंड दोस्तों के साथ छोटी गंडक नदी में रतनपुरा घाट पर नहाने गए थे। नहाते समय अचानक दोनों गहरे पानी में चले गए और डूबने लगे। उनके साथ गए युवकों ने दोनों को बचाने का प्रयास किया, लेकिन दोनों डूब गए। युवकों ने इसकी जानकारी रोपनछपरा गांव में लोगों को दी। बड़ी संख्या में लोग नदी के तट पर पहुंचे और उनकी तलाश शुरू की। करीब एक घंटे के बाद दोनों को बाहर निकालकर सीएचसी लार ले जाया गया, जहां चिकित्सक ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। ग्राम प्रधान दीपेंद्र ने बताया कि दोनों युवकों को तैरना नहीं आता था। गहरे पानी में चले जाने के कारण डूब गए। करुण क्रंदन में बदल गए मंगलगीत, गांव में मातम देवरिया: इसे विधाता की मर्जी कहें या कुछ और..आकाश के चाचा उपेंद्र की बरात की तैयारियों में सभी लगे थे। महिलाएं मंगलगीत गा रही थीं, लेकिन विधाता को कुछ और ही मंजूर था। छोटी गंडक नदी में नहाने समय सागर गुप्ता व आकाश गोंड की मृत्यु से खुशी का माहौल पल भर में मातम में बदल गया है। रोपनछपरा गांव के रहने वाले आकाश गोंड के चाचा उपेंद्र गोड़ की बुधवार को बरात जानी थी। उनका विवाह मईल क्षेत्र के पिपरा पाठक में तय हुआ है। घर के सभी लोग तैयारी में थे। दोपहर में भतवान का कार्यक्रम था। रिश्तेदारों व भाई-पट्टीदारों को भोजन कराने के बाद आकाश अपने गांव के सागर गुप्ता व अन्य अपने साथियों के साथ छोटी गंडक नदी में नहाने चले गए, उन्हें क्या पता था कि ¨जदगी की डोर कुछ ही देर में थम जाएगी। स्वजन बैंडबाजा वाले का इंतजार कर रहे थे। लेकिन आकाश की मृत्यु की खबर ने सभी को झकझोर कर रख दिया। स्वजन के चीत्कार से पूरा माहौल गमगीन हो गया। मंगलगीत के स्वर थम गए। पूरा गांव शोक में डूब गया। आकाश गोंड दो भाइयों में बड़े थे। वह बाराबंकी में पालीटेक्निक के छात्र थे। पिता रेलवे में में कार्यरत हैं। पांच लोग बरात में गए आकाश की मृत्यु के बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया, जिसको देखते हुए रिश्तेदारों व गांव वालों की सलाह से पांच लोग बरात में गए। शादी की रस्म पूरी कर सुबह लौटेंगे। गुरुवार को रस्म पूरी होने के बाद आकाश के शव का अंतिम संस्कार किया जाएगा। 11वीं का छात्र था सागर, गम में डूबे स्वजन सागर गुप्ता पुणे में 11वीं कक्षा में पढ़ते थे। गर्मी की छुट्टी में गांव घूमने आए थे, उन्हें नहीं पता था कि गांव की मौज-मस्ती उनके लिए काल बन जाएगी। दोस्तों के साथ स्नान करना ¨जदगी का आखिरी दिन साबित होगा। वह दो भाई व एक बहन थे। वह सबसे बड़े थे। हादसे के बाद स्वजन की चीख से माहौल गमगीन हो गया।