गोरखपुर, जेएनएन। सप्तक्रांति एक्सप्रेस में टीटीई पर चाकू से हमला करने वाले आरोपितों को जीआरपी ने गिरफ्तार कर लिया। पश्चिम चंपारण के रहने वाले आरोपित चलती ट्रेन से कूदने के कारण घायल हो गए थे। दोपहर बाद पुलिस ने उन्हें कोर्ट में पेश किया जहां से जेल भेज दिया गया।

सीओ जीआरपी गोरखपुर श्रीप्रकाश राय ने प्रेस वार्ता में बताया मुजफ्फरपुर के टीटीई (चल टिकट निरीक्षक) अंजनी कुमार सिंह ने 14 जनवरी को सप्तक्रांति एक्सप्रेस में टिकट जांच के दौरान खड्डा-सिसवा स्टेशन के बीच दो युवकों ने टिकट मांगा था। दोनो के पास टिकट नहीं थे। पहले तो उन दोनो ने बहानेबाजी की, जब टीटीई नहीं माना तो दोनो डर गए। दोनो ने टीटीई को ही मारकर भागने की तैयारी कर ली। टीटीई जब दोनो से टिकट नहीं होने पर जुर्माना लगाने की बात की तो दोनो ने टीटीई पर चाकू से हमला कर दिया। हमला करने के बाद दोनो चलती ट्रेन से कूद गए थे। टीटीई को तुरंत इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। दूसरी तरफ दोनो युवकों की तलाश शुरू हो गई। इसी बीच जीआरपी की जांच में पता चला कि घटना वाले दिन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सिसवा पर दो घायल युवक आए थे। उनकी पहचान पश्चिम चंपारण (बिहार), मटियारी के लछनौता निवासी अजीम अंसारी और चनपटिया के सिरसिया निवासी अरशाद के रूप में हुई। पड़रौना चौकी प्रभारी उपेंद्र श्रीवास्तव ने दोनों आरोपितों को खिरकिया स्टैंड के पास गिरफ्तार कर लिया। उनकी निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल चाकू बरामद किया गया। दोनो युवकों ने स्वीकार किया कि उनके पास पैसे कम थे। दूसरी बात वह पैसा देना भी नहीं चाहते थे। इसलिए सोचा कि टीटीई को चाकू मार दिया जाए। चलती ट्रेन से कूदने के कारण वह घायल हो गए। अन्यथा वह पकड़े नहीं जाते।

Posted By: Jagran

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