गोरखपुर : कहने को तो बीआरडी मेडिकल कालेज पूर्वाचल का सबसे बड़ा चिकित्सा संस्थान है। सरकार यहां के विकास के नाम पर करोड़ों रुपये पानी की तरह बहा रही है। लेकिन मौके पर हालात चौंकाने वाले हैं।

नेहरू अस्पताल की मेडिसिन इमरजेंसी जहां दूर-दराज से मरीज बेहतर इलाज की उम्मीद लेकर आते हैं, वहां मरीजों को जमीन पर लिटाकर इलाज किया जा रहा है। वार्ड के सभी बेड फुल हैं। जरूरत से अधिक बेड रखने के कारण अब वहां बेड की जगह नहीं बची है। जब मरीज की हालत स्थिर होती है तो उसे मेडिसिन के वार्ड में शिफ्ट कर दिया जाता है। लेकिन बेड फुल रहने की स्थिति में कोई गंभीर मरीज पहुंच गया तो उसे जमीन पर लिटा दिया जाता है। वहीं दवा दी जाती है व ड्रिप चढ़ाया जाता है। इसके लिए वार्ड के बाहर गैलरी में दीवार से सटे कई गद्दे डाल दिए गए हैं। बीते तीन-चार दिन से यही स्थिति है। वजह मरीजों की बढ़ती संख्या बताई जा रही है। डाक्टरों का कहना है कि किसी को लौटाया नहीं जा रहा। सभी का इलाज किया जा रहा है।

सोमवार को भी यही नजारा था। गैलरी में बिछे नीले रंग के गद्दे पर मरीजों का इलाज चल रहा था। इस बारे में मेडिसिन विभाग के डा. आरके शाही से बात की गई तो उन्होंने कहा कि पहले से इमरजेंसी में गंभीर मरीजों का आना तो जारी है ही, इन दिनों वायरल फीवर के भी मरीज बढ़ गए हैं। मरीज भी बेहद गंभीर लक्षणों के साथ आ रहे हैं। तेज बुखार, सिर दर्द, बेहोशी की शिकायत मिल रही है। कई में किडनी व लीवर फेल्योर की स्थिति देखी जा रही है। ऐसे मरीजों का हर हाल में इलाज जरूरी है। इसलिए उनको तत्काल भर्ती कर उपचार किया जा रहा है।

प्राचार्य गणेश कुमार का कहना है कि मरीजों की तादाद इन दिनों बढ़ी है। खासतौर पर गंभीर लक्षणों के साथ तेज बुखार के मरीज बड़ी तादाद में आ रहे हैं। संसाधन सीमित हैं लेकिन किसी भी मरीज को लौटाया नहीं जा सकता, इसलिए हर हाल में इलाज किया जा रहा है। बेड खाली होते ही ऐसे मरीजों को भर्ती कर लिया जाता है।

Posted By: Jagran