गोरखपुर, जेएनएन। राष्‍ट्रीय स्‍वयं सेवक संघ के सर संघचालक मोहन भागवत ने कहा कि वर्तमान में संपूर्ण विश्‍व का नेतृत्‍व करने में भारत पूरी तरह से सक्षम है। विश्व कल्याण के लिए भारत के विचार अधिक प्रभावी हैं। लोग अब भारत की तरफ देख भी रहे हैं। शक्तिशाली देशों को लोग देख चुके हैं। इनसे किसी को कोई उम्‍मीद नहीं है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने रविवार की रात देश के विभिन्न पंथों के प्रमुख संतों से वैश्विक परिदृश्य में भारत की भूमिका विषय पर अपने विचार साझा किया। भदंत ज्ञानेश्वर बुद्ध विहार कुशीनगर में अंतरराष्ट्रीय बौद्ध शोध संस्थान के पूर्व अध्यक्ष भंते महेंद्र भी उनसे आनलाइन जुड़े। बलिया जिले के सहतवार थाना क्षेत्र निवासी लोको पायलट आलोक कुमार सिंह का लोकेशन 22 नवंबर को शाम सात बजे गोरखपुर के आसपास मिली थी। वह नवंबर में ही विभाग को अपना इस्‍तीफा और सुसाइट नोट देकर गायब हो गए हैं। पुलिस तभी से उनकी तलाश कर रही है। महराजगंज जनपद के नेपाल सीमा से सटे थाने की पुलिस भी उन्‍हें ढूंढ रही है। महराजगंज जनपद के पुलिस अधीक्षक प्रदीप गुप्ता ने कहा कि लोकेशन के अनुसार आलोक की छानबीन की जा रही है। लोकार्पण-शिलान्यास वाले ग्रेनाइट के शिलापट पर अब तक सिर्फ शब्द उकेरे जाते रहे हैं लेकिन अब इन पर तस्वीरों को भी नुमाया किया जाने लगा है। आधुनिक मशीन से बहुरंगी फोटो के साथ शिलापट्ट पर लिखी गई इबारत न केवल लोगों को बल्कि जनप्रतिनिधियों को भी पसंद आ रही है। शहर में अत्याधुनिक मशीनों से यह काम आसान हो गया है। गोरखपुर शहर के गुलरिहा के भटहट कस्बे में स्थित प्राइवेट अस्पताल में रविवार की रात नवजात की मौत हो गई। परिजनों ने लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा खड़ा कर दिया । मौके पर पहुंची पुलिस ने नवजात के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। अस्पताल संचालक व सभी कर्मचारी पुलिस के पहुंचने से पहले ही फरार हो गए उनकी तलाश चल रही है। बाबा राघव दास (बीआरडी) मेडिकल कालेज में लापरवाही का एक बड़ा मामला सामने आया है। मरीज को ट्रामा सेंटर से नियम का हवाला देकर लौटा दिया गया। न कोरोना जांच की गई और न ही भर्ती कर इलाज शुरू हुआ। दूसरे दिन बुलाने पर स्वजन मरीज को लेकर पहुंचे, तो डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस संबंध में स्वजन की शिकायत पर मंडलायुक्त ने तीन सदस्यीय कमेटी गठित कर  जांच बैठा दी है।

आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कहा-संपूर्ण विश्व का नेतृत्व करने में भारत सक्षम

राष्‍ट्रीय स्‍वयं सेवक संघ के सर संघचालक मोहन भागवत ने कहा कि वर्तमान में संपूर्ण विश्‍व का नेतृत्‍व करने में भारत पूरी तरह से सक्षम है। विश्व कल्याण के लिए भारत के विचार अधिक प्रभावी हैं। लोग अब भारत की तरफ देख भी रहे हैं। शक्तिशाली देशों को लोग देख चुके हैं। इनसे किसी को कोई उम्‍मीद नहीं है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने रविवार की रात देश के विभिन्न पंथों के प्रमुख संतों से वैश्विक परिदृश्य में भारत की भूमिका विषय पर अपने विचार साझा किया। भदंत ज्ञानेश्वर बुद्ध विहार कुशीनगर में अंतरराष्ट्रीय बौद्ध शोध संस्थान के पूर्व अध्यक्ष भंते महेंद्र भी उनसे आनलाइन जुड़े। संघ चालक ने कहा कि विश्व के दो शक्तिशाली देश अमेरिका एवं रूस ने सैन्य एवं आर्थिक महाशक्ति बनने के लिए संपूर्ण विश्व में अशांति पैदा की। सोवियत रूस समाजवाद के सिद्धांत से संपूर्ण विश्व को सुख एवं शांति देना चाहता था, लेकिन वह असफल रहा। अमेरिका आज विश्व का शक्तिशाली देश है जो अपने सैन्य व आर्थिक महाशक्ति से विश्व को सुख शांति नहीं दे पा रहा है। आतंकवाद को समाप्त करने एवं वर्चस्व स्थापित करने के लिए सैन्य कार्रवाई का सहारा ले रहा है। चीन ने साम्यवाद से विश्व को सुख शांति देने का प्रण किया था किंतु आर्थिक महाशक्ति बनने के बाद चीन विस्तारवादी सोच के कारण पड़ोसी देशों को परेशान कर रहा है। ऐसे में संपूर्ण विश्व की आशा की दृष्टि भारत की ओर है। भारत संपूर्ण विश्व को एक परिवार मानता है जबकि अन्य देश विश्व को बाजार मानते हैं।

सर संघ चालक ने कहा कि भारत में जितनी विविधता है उतना कहीं नहीं है। इस विविधता से भारत में एकता स्थापित है। कार्यक्रम की प्रस्तावना सरकार्यवाह सुरेश राव भैया जी जोशी ने रखी। बौद्धिक गीत विश्व व्यापी ध्येय पथ पर राष्ट्र विजयी हो हमारा गाया गया। आभार एवं स्वागत अखिल भारतीय संपर्क प्रमुख अनिरुद्ध देश पांडेय ने व्यक्त किया। जिला संघचालक डा. चंद्रशेखर सिंह, विभाग बौद्धिक शिक्षण प्रमुख सुरेश प्रसाद गुप्त, महाविद्यालयीन विद्यार्थी प्रमुख दिव्यांशु श्रीवास्तव, सुबोध, विशाल आदि उपस्थित रहे।

गोरखपुर में मिला था गायब लोको पायलट का लोकेशन, नेपाल सीमा पर भी तलाश शुरू

बलिया जिले के सहतवार थाना क्षेत्र निवासी लोको पायलट आलोक कुमार सिंह का लोकेशन 22 नवंबर को शाम सात बजे गोरखपुर के आसपास मिली थी। वह नवंबर में ही विभाग को अपना इस्‍तीफा और सुसाइट नोट देकर गायब हो गए हैं। पुलिस तभी से उनकी तलाश कर रही है। महराजगंज जनपद के नेपाल सीमा से सटे थाने की पुलिस भी उन्‍हें ढूंढ रही है। महराजगंज जनपद के पुलिस अधीक्षक प्रदीप गुप्ता ने कहा कि लोकेशन के अनुसार आलोक की छानबीन की जा रही है।

बरेली में रेलवे में लोको पायलट के पद पर तैनात रहे आलोक कुमार सिंह 22 नवंबर से ही लापता है। गायब होने से पूर्व लोको पायलट ने फेसबुक पर आत्महत्या किए जाने का पोस्ट भी डाला था। बताते हैं कि आलोक कुमार सिंह ने गृह कलह के कारण आत्महत्या किए जाने की जानकारी फेसबुक पर पोस्ट किया था। फेसबुक पर पोस्ट किए गए संदेश में लोको पायलट ने अपनी पत्नी की बेवफाई को कारण बताते हुए लिखा था कि मैं जिंदगी से परेशान हो चुका हूं। मैंने अपने बैंक खाते से सभी रुपये निकालकर गरीबों में बांट दिया है। एटीएम कार्ड तोड़ कर फेंक दिया है। आलोक कुमार सिंह ने साफ कहा है कि संदेश पोस्ट होने के बाद सिम कार्ड भी तोड़ दूंगा और मोबाइल किसी गरीब को दे दूंगा। फेसबुक पर डाले गए संदेश में लोको पायलट ने गोरखपुर के नेपाल बॉर्डर का जिक्र किया था। पुलिस को लोको पायलट आलोक कुमार सिंह की अंतिम लाइव लोकेशन 22 नवंबर की शाम 7.00 बजे गोरखपुर के आसपास मिली थी। तभी से पुलिस जांच में जुटी हुई है। पुलिस ने गायब हुए लोको पायलट का बाकायदा पोस्टर जारी किया है । पुलिस कहना है कि लोको पायलट के गायब होने के गुमशुदगी की सूचना बलिया जिले के सहतवार थाने में दर्ज कराई गई है । लोको पायलट के जारी किए गए संदेश में गोरखपुर के नेपाल बॉर्डर की जानकारी होने के कारण महराजगंज की सभी सीमावर्ती थानों को छानबीन के निर्देश दिए गए हैं।

गोरखपुर में काले ग्रेनाइट के पत्‍थर पर छप गई लोकार्पण की रंगीन फोटो

लोकार्पण-शिलान्यास वाले ग्रेनाइट के शिलापट पर अब तक सिर्फ शब्द उकेरे जाते रहे हैं लेकिन अब इन पर तस्वीरों को भी नुमाया किया जाने लगा है। आधुनिक मशीन से बहुरंगी फोटो के साथ शिलापट्ट पर लिखी गई इबारत न केवल लोगों को बल्कि जनप्रतिनिधियों को भी पसंद आ रही है। शहर में अत्याधुनिक मशीनों से यह काम आसान हो गया है।

धर्मशाला वार्ड में 26 नवंबर को प्रभावती देवी मार्ग का लोकार्पण हुआ। लोकार्पण के शिलापट पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, महापौर सीताराम जायसवाल, पार्षद बब्लू गुप्ता के साथ ही अन्य लोगों की रंगीन फोटो देख लोग हैरान रह गए। लोगों को भरोसा ही नहीं हो रहा था कि जिस ग्रेनाइट पत्थर पर नाम लिखवाने में घंटों लग जाते थे, अब उसी पर रंगीन फोटो भी बन सकती है। खुद महापौर भी चौंक गए थे जब उन्होंने इसे देखा। इस तकनीक की जानकारी लेने के साथ उन्होंने इसकी तारीफ भी की।

अल्ट्रावायलेट प्रिंटर (यूवी प्रिंटर) से कई रंगों का उपयोग कर किसी भी समतल सतह पर शब्द और चित्र उकेरे जा सकते हैं। यह काम समतल मार्बल, ग्रेनाइट, लकड़ी, मेटल (धातु) या शीशे पर भी हो सकता है। प्रिंटिंग से जुड़े संजय सिंह ने बताया कि मशीन का बोर्ड आठ गुणे चार फीट के आकार का है। यह फ्लेक्स मशीन की तरह ही है लेकिन इसमें मीडिया स्थिर रहता है और हेड प्रिंट करता है। जबकि फ्लेक्स मशीन रोल टू रोल चलती हैं। यूवी प्रिंटर के बारे में जिन्हें पता है वह इसकी मदद से आलमारियों व घर के अन्य सामान पर खुद और परिवार के अन्य सदस्यों की फोटो बनवा रहे हैं। यह फोटो लंबे समय तक खराब नहीं होती है। यूवी प्रिंटर से लोकार्पण शिलापट व अन्य काम करने में आसानी हो गई है। कम समय में ज्यादा और आकर्षक काम संभव हुआ है।

अस्पताल में इलाज के दाैरान नवजात की मौत, डॉक्टर व संचालक फरार

गोरखपुर शहर के गुलरिहा के भटहट कस्बे में स्थित प्राइवेट अस्पताल में रविवार की रात नवजात की मौत हो गई। परिजनों ने लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा खड़ा कर दिया । मौके पर पहुंची पुलिस ने नवजात के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। अस्पताल संचालक व सभी कर्मचारी पुलिस के पहुंचने से पहले ही फरार हो गए उनकी तलाश चल रही है।

पिपराइच थाना क्षेत्र के समदार खुर्द निवासी सुनील तिवारी की पत्नी ज्ञान प्रभा को रविवार की सुबह नाै बजे प्रसव पीड़ा शुरू हुई। जिसके बाद उन्होंने पत्नी को भटहट कस्बे में स्थित दीप राज हॉस्पिटल में भर्ती करा दिया। अस्पताल के संचालक द्वारा बताया गया दो घंटे में नार्मल प्रसव हो जाएगा। रात में लगभग 10 बजे प्रसूता के पति से अस्पताल संचालक ने कहा कि ऑपरेशन करना पड़ेगा।

थोड़ी देर बाद पहुंचे एक व्यक्ति को मेडिकल कालेज का डॉक्टर बताकर ऑपरेशन थिएटर में पहुंचा दिया। लगभग एक घंटे बाद ऑपरेशन थिएटर से बाहर निकले डॉक्टर ने प्रसूता के पति से कहा कि बच्चे की मौत हो गई है। जब मौजूद परिजनों ने चिकित्सक से उसके डिग्री के बारे में जानकारी चाही तो वह मौके से फरार हो गया। जिसके बाद परिवार के लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया। बवाल बढ़ने पर अस्पताल संचालक व कर्मचारी भी प्रसूता व नवजात को आपरेशन थिएटर में छोड़कर भाग निकले। जिसकी जानकारी परिजनों ने पुलिस को दी। भटहट चौकी प्रभारी वीरेंद्र बहादुर सिंह बताया कि तहरीर के अनुसार मुकदमा दर्ज कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। आरोपितों की तलाश चल रही है। प्रसूता ने परिजनों और पुलिस को बताया कि आपरेशन करने वाला चिकित्सक शराब के नशे में था। उसके मुंह से गंध आ रही थी। अस्पताल संचालक ने उसे मेडिकल कालेज का डाक्टर बताया था। नवजात की मौत के बाद हंगामें की सूचना पर पुलिस के पहुंचने से पहले ही सभी कर्मचारी व संचालक फरार हो गए थे। संचालक की पत्नी चांदबीबी से पूछताछ करने पर पता चला कि झुंगिया का मोहम्मद मोहसिन उर्फ एम अस्पताल चलाता है। अस्पताल के काउंटर से एक फाइल मिली जिस पर महत्वपूर्ण लिखा था। जिसमें दो दर्जन से अधिक आशा कर्मियों के नाम व मोबाइल नंबर दर्ज थे। भटहट कस्बे में एक दर्जन से अधिक अवैध अस्पताल संचालित हो रहे हैं। बीते दिनों ज्वाइंट मजिस्ट्रेट द्वारा दो अस्पतालों की सील कराया गया था। वहीं पिछले वर्ष एक अस्पताल में नवजात शिशु की मौत के बाद संचालक के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया था। बाद में वही संचालक नाम बदलकर फिर से अस्पताल चला रहे हैं। जबकि जिम्मेदार सब कुछ जानते हुए चुप्पी साधे हुए हैं।

बीआरडी में मरीज को बिना इलाज लौटाया, मौत के बाद शुरू हुई जांच

बाबा राघव दास (बीआरडी) मेडिकल कालेज में लापरवाही का एक बड़ा मामला सामने आया है। मरीज को ट्रामा सेंटर से नियम का हवाला देकर लौटा दिया गया। न कोरोना जांच की गई और न ही भर्ती कर इलाज शुरू हुआ। दूसरे दिन बुलाने पर स्वजन मरीज को लेकर पहुंचे, तो डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस संबंध में स्वजन की शिकायत पर मंडलायुक्त ने तीन सदस्यीय कमेटी गठित कर  जांच बैठा दी है। मेडिकल कालेज प्रशासन से जवाब मांगा है।

सदर तहसील के शेरपुर चमराह (सिंहोरवा) निवासी राजेंद्र प्रसाद जायसवाल की पत्नी 60 वर्षीय शकुंतला देवी को चार सितंबर को कमजोरी महसूस हुई। स्वजन उन्हें निजी चिकित्सक के पास ले गए। उन्होंने मेडिकल कालेज रेफर कर दिया। उसी दिन शाम को 6.45 बजे वे मेडिकल कालेज के ट्रामा सेंटर पहुंचे। नियम का हवाला देकर कर्मचारियों ने उन्हें वापस भेज दिया। राजेंद्र के मुताबिक बताया गया कि कल आपको फोन से जिस समय बुलाया जाएगा, उसी समय आना होगा। वापसी में स्वजन ने बेतियाहाता की निजी पैथोलाजी में कोरोना जांच के लिए मरीज का नमूना दिया। दूसरे दिन मेडिकल कालेज जाते समय शकुंतला रास्ते में बेहोश हो गईं। मेडिकल कालेज पहुंचने पर डाक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। तब तक कोरोना जांच रिपोर्ट आ चुकी थी। वह पाजिटिव थीं, इसलिए कालेज प्रशासन ने शव रोक लिया। दूसरे दिन कोविड प्रोटोकाल के तहत राजघाट पर उनका अंतिम संस्कार कराया गया।

मेडिकल कालेज प्रशासन ने कोरोना से बचाव के लिए नई रूपरेखा में ओपीडी शुरू की है। इसमें मोबाइल पर पंजीकरण के अगले दिन मरीज को बुलाया जाता है। गंभीर रूप से बीमार शकुंतला को भी इसी नियम का हवाला देकर दूसरे दिन बुलाया गया था। बिछिया निवासी उपेंद्र मिश्र की पिछले 18 अगस्त की सुबह अचानक तबीयत खराब हो गई थी। स्वजन उन्हें लेकर मेडिकल कालेज पहुंचे। डाक्टरों ने कोरोना की आशंका जताते हुए भर्ती से मना कर दिया। स्वजन उन्हें एक निजी अस्पताल ले गए। वहां भी कोरोना की बात कहते हुए डाक्टरों ने लौटा दिया। तारामंडल स्थित दूसरे निजी अस्पताल तक पहुंचने से पहले उनकी जान चली गई। इस संबंध में बीआरडी मेडिकल कालेज के प्राचार्य डा. गणेश कुमार का कहना है कि संदिग्ध मरीजों को भी भर्ती कर कोविड प्रोटोकाल के तहत उनका इलाज किया जा रहा है। उसके बाद कोरोना जांच कराई जा रही है। निगेटिव आने पर उन्हें संबंधित वार्ड में शिफ्ट कर दिया जाता है। इस तरह की शिकायत संज्ञान में नहीं है। पता करता हूं कि उस दिन ट्रामा में किसकी ड्यूटी थी।

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