गोरखपुर, जेएनएन। जनपद में कूट रचित प्रमाण पत्र नौकरी के आरोप में बर्खास्त होने वाले शिक्षकों की तादाद बढ़ती जा रही है। शिकायत के आधार पर खंड शिक्षाधिकारियों की तरफ से की गई जांच रिपोर्ट में दो शिक्षकों में कूटरचित प्रमाण पत्र पर नौकरी तथा एक में पैनकार्ड का दुरुपयोग कर नौकरी हासिल करने की पुष्टि होने पर बीएसए ने तीनों शिक्षकों की सेवा समाप्ति कर दी।

बर्खास्‍त शिक्षकों की संख्‍या 54 हुई

बर्खास्त होने वाले शिक्षकों में पिपराइच, चरगांवा व पाली विकासखंड के प्राथमिक विद्यालयों में तैनात एक-एक शिक्षक शामिल हैं। इन तीनों शिक्षकों की बर्खास्तगी के बाद जिले में एक वर्ष के अंदर बर्खास्त होने वाले शिक्षकों की संख्या 54 पहुंच चुकी है।

ये हैं बर्खास्‍त होने वाले शिक्षक

जनपद के पिपराइच के प्राथमिक विद्यालय हेमछापर पर तैनात सहायक अध्यापक नरेंद्र कुमार त्रिपाठी ने बेसिक शिक्षा विभाग को अपने अभिलेखों, नोटरी शपथ पत्र के साथ त्याग पत्र भेजा था। विभाग ने बीएड के अंकपत्र को सत्यापन के लिए गोरखपुर विश्वविद्यालय भेजा। पता चला कि आरोपी शिक्षक ने किसी शैलेष कुमार के अनुक्रमांक का फर्जी बीएड अंकपत्र तैयार कर नौकरी हासिल की है। इसी प्रकार चरगांवा ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय जंगल अहमद अली शाह पर तैनात शिक्षिका पूनम राय के खिलाफ फर्जी अंकपत्रों के सहारे नौकरी हासिल करने की शिकायत पर जांच हुई। जिसमें पता चला कि शिक्षिका ने बीएड का अंकपत्र छात्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय का कूटरचित तैयार किया है। जबकि चंदौली बीआरसी पर तैनात सहायक समन्वयक सुनीता तिवारी ने गोरखपुर के बीएसए को शिकायत किया था कि उनके पैन कार्ड का गलत इस्तेमाल पॉली ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय बाघनगर गोल्हयी पर तैनात दूसरी सुनीता तिवारी की ओर से किया जा रहा है।

जांच के बाद सही पाए गए आरोप

जांच में तीनों शिक्षकों पर लगे प्राथमिक आरोपों की पुष्टि होने के बेसिक शिक्षा विभाग ने इन्हें निलंबित करते हुए मामले की जांच संबंधित खंड शिक्षा अधिकारियों को दी। जैसे ही खंड शिक्षाधिकारियों ने अपनी रिपोर्ट दी। बीएसए ने तीन शिक्षकों को बर्खास्त कर दिया।

54 की सेवा समाप्त, 27 निलंबित

फर्जी अंकपत्र व पैनकार्ड के सहारे नौकरी हासिल करने पर बेसिक शिक्षा विभाग अब तक 54 शिक्षकों को बर्खास्त कर चुका है। जबकि इसी आरोप में 27 निलंबित चल रहे हैं। इनके अलावा 23 और शिक्षकों के खिलाफ विभाग को शिकायत मिली है, जिनके विरुद्ध् जांच गतिमान है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी भूपेन्‍द्र नारायण सिंह का कहना है कि जिले में फर्जी शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी है। इसकी रिपोर्ट शासन को भी भेजी जा रही है। फर्जी प्रमाण पत्र पर नौकरी करने वाले शिक्षक किसी भी कीमत पर बख्शे नहीं जाएंगे।

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