गोरखपुर, जेएनएन। एसटीएफ गोरखपुर व सिद्धार्थनगर जिले की सदर थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने शनिवार को शिक्षक भर्ती फर्जीवाड़ा मामले में तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया है। पूरे प्रकरण के मास्टरमाइंड सिद्धार्थनगर जिले के बढ़नी ब्लाक में तैनात निलंबित शिक्षक राकेश सिंह को भी धर दबोचा है। साथ में पटल लिपिक धमर्ेंद्र कुमार व नामजद आरोपित शिक्षक गोविंद लाल गुप्ता भी पुलिस गिरफ्त में हैं। तत्कालीन बीएसए पर भी कार्रवाई की तलवार लटक रही है। शिक्षक भर्ती फर्जीवाड़े के इस गिरोह ने गोरखपुर और बस्ती मडल के जिलों में भी नियुक्तिया कराई है। अकेले सिद्धार्थनगर जिले में फर्जी प्रमाण पत्र के सहारे नौकरी करने वाले 82 शिक्षक बर्खास्त हो चुके हैं। इसके अतिरिक्त फर्जी प्रमाण पत्र के सहारे नौकरी कर रहे 28 शिक्षकों को नोटिस दिया गया है।

उल्लेखनीय है कि कुछ दिन पूर्व फर्जीवाड़े के खिलाड़ियों ने बीएसए दफ्तर का ताला तोड़कर कुछ फर्जी कागजात इधर-उधर भी कर लिया था। यह मामला भी सुर्खियों में था।

मामले की विवेचना कर रही एसटीएफ टीम ने गोरखपुर से आरोपित राकेश सिंह व गोविंद लाल को गिरफ्तार किया था। दोनों से हुई पूछताछ के आधार पर बीएसए कार्यालय से धमर्ेंद्र कुमार को गिरफ्तार किया है। टीम ने आरोपितों के पास से एक लाइसेंसी पिस्टल, चार कारतूस, 19 फर्जी मार्कशीट आदि बरामद किया है। पकड़े गए आरोपितों के नाम देवरिया जिले के थाना म भाटपार रानी के ग्राम कुइंचवर निवासी राकेश कुमार सिंह, बस्ती जिले के थाना मुंडेरवा के ग्राम गुलहरिया सिरमा निवासी धमर्ेंद्र कुमार व गोरखपुर के थाना खजनी के ग्राम कटघर निवासी गोविंद लाल गुप्ता है। एसटीएफ के निशाने पर अभी और लोग भी है, जिसमें तत्कालीन बीएसए भी शामिल हैं।

इस मामले में पुलिस अधीक्षक डा.धर्मवीर सिंह ने कहा कि फर्जी प्रमाण पत्र के सहारे नौकरी बांटने वालों में तीन आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। अन्य की तलाश जारी है।

Posted By: Jagran

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस