सिद्धार्थनगर : पुलिस अधीक्षक डा. यशवीर सिंह ने सोमवार को पुलिस लाइन सभागार में हुई पत्रकार वार्ता में अंतरराज्यीय ठग गिरोह का पर्दाफाश किया। एसओजी व सदर थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने नेपाल निवासी एक सदस्य समेत तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया है। यह लोगों को हूबहू असली की तरह बने नकली नोट की सप्लाई देने के नाम पर ठगी करते हैं। नेपाल से सोने की बिस्कुट देने के नाम पर भी ठगी की घटना को अंजाम दिया है। पकड़े गए आरोपितों का नाम गोरखपुर के थाना बांसगांव के परसिया गांव निवासी निजामुद्दीन, देवरिया के थाना तरकुलवा के तवक्कलपुर निवासी धीरज राजभर व नेपाल के रुपनदेही जिला के हरदी गांव निवासी गंगाराम यादव है।

एसपी ने जानकारी देते हुए बताया कि ठग गिरोह का कार्यक्षेत्र गोरखपुर, महराजगंज, कुशीनगर, देवरिया, आजमगढ़ के साथ बिहार तक फैला है। यह पहले ग्रामीणों को अपनी चिकनी चुपड़ी बातों में फंसाते हैं। इसके नमूना के तौर असली नोट को नकली बताते हुए बाजार में चलाने के लिए कहते हैं। जब दुकान पर यह नोट चल जाती है तो ग्रामीण इनके झांसे में आ जाता है। धनराशि की तुलना में ढाई गुना नकली नोट की सप्लाई देने का डील तय करते हैं। नियत समय पर बैग में ऊपर व नीचे नोट लगाने के बाद यह बीच में कागज से बनी गड्डी की डिलेवरी दे देते हैं। वर्ष 2020 में यह गिरोह पहली बार उस समय प्रकाश में आया, जब कुशीनगर के कसया थाना में ठगी करते समय लोगों ने इन्हें रंगे हाथों पकड़ लिया था। जोगिया थाना क्षेत्र में इन्होंने अयोध्या निवासी एक व्यक्ति को सोने का बिस्कुट देने के नाम पर चूना लगाया है। पत्रकार वार्ता में एएसपी सुरेश चंद्र रावत व सीओ सदर प्रदीप कुमार यादव भी मौजूद रहे। कार्रवाई करने वाली टीम में एसओ सदर तहसीलदार सिंह, एसओजी प्रभारी जीवन त्रिपाठी, पुरानी नौगढ़ चौकी इंचार्ज चंदन कुमार, जिला जेल रामदरश यादव, एसआइ अमित कुमार, मुख्य आरक्षी रमेश यादव, राजीव शुक्ला, आरक्षी पवन तिवारी, अवनीश सिंह, मृत्युंजय कुशवाहा आदि मौजूद रहे।

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