गोरखपुर : दूसरे के नाम पर नौकरी करने वाले शिक्षकों का फर्जीवाड़ा उजागर होने के बाद अब फर्जी प्रमाण पत्र पर नौकरी करने वाले शिक्षकों का राजफाश हुआ है। आगरा विश्वविद्यालय से वर्ष 2005 में बीएड करने का दावा कर वहां के प्रमाण पत्र पर नौकरी करने वाले शिक्षकों पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। इनके प्रमाण पत्रों को फर्जी माना जा रहा है और अब तक करीब आधा दर्जन ऐसे शिक्षकों को चिन्हित किया जा चुका है। विभागीय सूत्रों के अनुसार आगरा विवि से फर्जी प्रमाण पत्रों के सहारे नौकरी करने वाले जिले में करीब तीन दर्जन शिक्षक हो सकते हैं।

करीब एक साल से आगरा विवि के फर्जीवाड़े का मामला चल रहा है। सरकार द्वारा इस मामले की एसआइटी से जांच कराई गई। एसआइटी ने जांच कर रिपोर्ट सौंप दी है। रिपोर्ट में यह बात सामने आई कि पूरे प्रदेश में बेसिक शिक्षा विभाग में बड़ी संख्या में ऐसे शिक्षक हैं, जिन्होंने आगरा विवि से 2005 में बीएड किया है और उनके प्रमाण पत्र सही नहीं हैं।

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क्या है मामला

आगरा विश्वविद्यालय में बीएड फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ तो उसकी जांच कराई गई। जांच में यह बात सामने आई कि वर्ष 2005 में सीट से काफी अधिक संख्या में बीएड के प्रवेश दिखाए गए। सभी को प्रमाण पत्र भी प्रदान कर दिया गया। सघनता से जांच में यह बात सामने आई कि कई छात्रों के रोल नंबर विवि में मौजूद ही नहीं थे। ऐसे विद्यार्थियों की सूची बनाकर बेसिक शिक्षा विभाग को भी भेजी गई। पूरे प्रदेश में शिक्षा विभाग में कार्यरत ऐसे शिक्षकों की सूची तलब की गई, जिन्होंने आगरा विश्वविद्यालय से बीएड किया था। इस सूची के मिलने के बाद उन शिक्षकों की तलाश की गई, जिन्होंने फर्जी तरीके से प्रमाण पत्र प्राप्त किया था या जिनके प्रमाण पत्र फर्जी थे, विश्वविद्यालय में जिनका कोई रिकार्ड मौजूद नहीं था। यह सूची सभी सहायक शिक्षा निदेशक बेसिक को भेज दी गई। वहां से सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को सूची उपलब्ध करा दी गई है। पूरे प्रदेश की सूची से गोरखपुर में कार्यरत शिक्षकों की तलाश की जा रही है।

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आधा दर्जन शिक्षकों को भेजी गई नोटिस

जिला बेसिक शिक्षा कार्यालय द्वारा आधा दर्जन शिक्षकों को नोटिस भेजी गई है। इनमें पिपरौली, बड़हलगंज, कैंपियरगंज क्षेत्रों के प्राथमिक विद्यालयों पर कार्यरत सहायक अध्यापक शामिल हैं। एक महिला शिक्षक अंतरजनपदीय स्थानांतरण में अलीगढ़ जा चुकी हैं। उसे अलीगढ़ के पते पर नोटिस भेजी जा रही है। फर्जी प्रमाण पत्र वाले और भी शिक्षकों की तलाश की जा रही है। इस कार्रवाई से ऐसे शिक्षकों में हड़कंप मचा है। इस मामले में कार्रवाई तय मानी जा रही है।

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आगरा विवि से 2005 में बीएड करने वाले कई शिक्षकों के प्रमाण पत्र फर्जी पाए गए हैं। प्रदेश भर के शिक्षकों की सूची मिलने के बाद जनपद में ऐसे शिक्षकों की तलाश जारी है। कुछ को नोटिस भेजी गई है।

भूपेंद्र नारायण सिंह

जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी

Posted By: Jagran