गोरखपुर, जेएनएन। गोरखपुर में तीन बच्‍चों की मां की पहले से ही विवाहित पुरुष के साथ प्रेम संबंध की कहानी का समापन हो गया। क्षेत्राधिकारी कार्यालय में सभी पक्षों की वार्ता के बाद विधवा व उसके प्रेमी ने शादी करने का शपथ पत्र दिया और इसके साथ ही दूसरा शपथ पत्र देकर अपने नाबालिग संतानों को बालिग होने पर जमीन का दो तिहाई हिस्सा व बेटी की शादी के समय दो लाख रुपये देने को कहा। इस पर ग्रामीण लौट गए।

शादी करने का दिया शपथपत्र

गांव के लोग नाबालिग संतानों को लेकर क्षेत्राधिकारी कार्यालय पहुंचे। उन्होंने उनके परवरिश की गुजारिश की। इसके बाद विधवा व खिरकिटा दुबे निवासी उसके प्रेमी को भी कार्यालय बुलाया गया। काफी जद्दोजहद के बाद विधवा व उसके प्रेमी ने दो शपथ पत्र दिया, जिसमें से एक में उन्होंने शादी करने की बात कही और दूसरे में नाबालिग संतानों के बालिग हो जाने पर अपनी बची 27 डिसमिल जमीन में से 18 डिसमिल बैनामा करने की बात कही और पुत्री के शादी के समय दो लाख रुपये सहयोग करने का आश्वासन दिया।

दोनो पक्षों में हुआ समझौता

शपथ पत्र लेकर ग्रामीण वापस तो हो गए लेकिन वे संतुष्ट नहीं हुए। ग्राम प्रधान नित्यानंद तिवारी का कहना है कि शपथ पत्र देने से बच्‍चों का हिस्सा नहीं मिल जाएगा। जो जमीन विधवा ने बेचा है। उस धन में भी नाबालिगों को हिस्सा नहीं दे रही है। उनकी परवरिश कैसे होगी ? अगर गांव के लोग तैयार हुए तो आगे लड़ाई लड़ी जाएगी। इस संबंध में क्षेत्राधिकारी सतीश चंद्र शुक्ल ने कहा कि दोनों पक्षों ने समझौता कर लिया है। अधिवक्ताओं के सलाह से लिखा-पढ़ी भी करा दी गई है।

यह है मामला

उक्‍त महिला का दिल गांव के ही एक शादीशुदा पुरुष पर आ गया और एक दिन यह महिला लोक लॉज भूलकर शादीशुदा प्रेमी के घर पहुंच गई। आश्‍चर्यजनक यह कि प्रेमी की पत्‍नी ने भी 'दूसरी' का कोई विरोध नहीं किया। महिला के इस कृत्‍य का पूरा गांव विरोध कर रहा है। तीन नाबालिग बच्‍चों की मां का प्रेमी ग्राम खिरखिटा थाना गोला का निवासी है। ग्रामीणों का कहना है कि एक पत्नी के रहते दूसरी का दामन विवाहित आदमी नहीं थाम सकता। इस कानून का पालन कराने के लिए भी पुलिस तैयार नहीं है। अपने दायित्वों के निर्वहन से जिम्मेदार भाग रहे हैं। ऐसे में 13 वर्षीय अनिकेत, आठ वर्षीय रूसी संग बड़ा भाई प्रदीप खुद को असहाय महसूस कर रहा है। प्रेमी के कहने पर महिला बच्‍चों के हिस्‍से की 14 लाख की भूमि बेच चुकी है। बच्‍चों के हिस्से की शेष बची 27 लाख की भूमि बेचकर वह प्रेमी के घर जाने को बेताब है। नाबालिग हक के लिए गांव के लोगों के साथ थाने का चक्कर लगा रहे हैं। गांव में विरोध के स्वर मुखर हुआ।

Posted By: Pradeep Srivastava

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