अतुल मिश्र, संतकबीर नगर। Coronavirus Lockdown के बाद संतकबीर नगर जिले के मेंहदावल के दो जिम्‍मेदार अधिकारियों ने अपनी सेवाभाव व सक्रियता की वजह से लोगों के बीच में अपनी जगह बनाया है। मेंहदावल नगर पंचायत के अधिशाषी अधिकारी प्रदीप कुमार शुक्‍ल व एसओ मेंहदावल करुणाकर पांडेय लगातार सक्रिय है तथा बाहर से आ रहे लोगों को भोजन की व्‍यवस्‍था करनी हो चाहे गरीब के घर राशन पहुंचाना हो या मेंहदावल में बेहतर साफ- सफाई की व्‍यवस्‍था करनी हो दोनों अधिकारी अपनी जिम्‍मेदारी का बेहतर तरीके से निर्वहन कर रहे है।

दोनों अधिकारियों के सेवाभाव से खुश लोग सोशल मीडिया पर अधिकारियों के जज्‍बे को सलाम कर रहे है। कोराना बीमारी के फैलने की आशंका के बीच जिस तरह से दोनों अधिकारी कार्य कर रहे है उसका हर कोई कायल हो रहा है। अन्‍य अधिकारियों को लोग आइना भी दिखाने का कार्य कर रहे है।

तीन दिन में 160 लोगों को कराया भोजन

पिछले तीन दिनों में पैदल व अन्‍य साधनों से मेंहदावल पहुंचे मजदूरों के सेवाभाव में अधिकारी आगे रहे। मजदूरों को भोजन कराने के बाद उनको कस्‍बे में बने संस्कार मंडप में रात्रि विश्राम के लिए ठहराया गया। 12 बजे रात को भी फोन करने पर एसओ व ईओ की जोडी अपने कर्मियों के साथ मौके पर पहुंच रही है तथा लोगों के स्‍वास्‍थ्‍य की जांच से लेकर उनके रहने व खाने की व्‍यवस्‍था करने में अपनी जिम्‍मेदारी का निर्वहन कर रहे है।

जैसी जरुरत वैसी व्‍यवस्‍था

मेंहदावल में लाकडाउन का उलंघन करने पर एसओ मेंहदावल करुणाकर पांडेय के द्वारा बढया निवासी 6 लोगों के खिलाफ धारा 279, 188 के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया। ब्रम्‍हचारी मोहल्‍ला निवासी द्वारा भूखे होने की फर्जी सूचना देने पर उसको ईओ प्रदीप शुक्‍ल द्वारा फटकार लगाई गई। भूखे को भोजन कराया जा रहा है तो लाकडाउन का उलंघन करने वालों पर मुकदमा दर्ज करने से भी परहेज नहीं किया जा रहा है।

लोगों की जिंदगी सुरक्षित रहे इसके लिए लाकडउन का पालन जरूरी : एसओ

एसओ करुणाकर पांडेय ने बताया कि जब पुलिस बाहर है तो लोगों को अपने घर पर रहना चाहिए। महामारी से बचाव के लिए लाकडाउन का पालन हर किसी को करना चाहिए। लापरवाही मिलने पर सख्‍ती से पेश आना मजबूरी है।

लोग घरों में रहे पेट भरने की जिम्‍मेदारी हमारी : ईओ

मेंहदावल के अधिशाषी अधिकारी प्रदीप कुमार शुक्‍ल ने बताया कि सरकार लोगों को महामारी से बचाने के लिए पूरी तरह से तत्‍पर है। लोग अपने घरों में रहे उनके खाने- पीने का बेहतर इंतजाम करना हमारी प्राथमिकता है। किसी को भी भूखे पेट नहीं सोने दिया जायेगा।

पेट की आग नहीं बुझी तो पैदल चल दिए दर्जनों मजदूर, एसओ बने तारणहार

लॉकडाउन के समय भूख बर्दाश्‍त नहीं हुई तो दर्जनों मजदूर पैदल ही अपने घरों की तरफ निकल पड़े। मेंहदावल क्षेत्र के सांथा- मेंहदावल मार्ग पर ग्राम टड़वरिया के पास यहां लगभग एक दर्जन की संख्या में मजदूर सिर पर गठरी लादकर पैदल ही बस्ती से गोरखपुर के लिए जाते दिखे। गोरखपुर जिले के भटहट निवासी रामदेव, चिन्नी, सिकंदर, स्वामीनाथ, सुरेंद्र आदि ने बताया कि वह बस्ती- रुधौली मार्ग निर्माण के दौरान कार्य कर रहे थे। लॉकडाउन की घोषणा होने के बाद से कार्य बंद हो गया। अब उनके सामने घर पहुंचने की समस्या आ गई। दो दिन इंतजार करने के बाद जब कोई विकल्प नहीं मिल सका तो सामान लेकर पैदल ही घर के लिए निकल पड़े। लगभग 44 किलोमीटर दूरी तय करने में उनको सिर्फ हैंडपंप का पानी और बिस्किट का सहारा मिला। पैदल चलने के दौरान कुछ मजदूरों के पैरों में छाले पड़ गए।

सूचना मिलते ही तत्काल सक्रिय हुए मेंहदावल थानाध्यक्ष

लंबी दूरी तय करके दर्जनभर मजदूर पैदल चलकर गोरखपुर की तरफ जा रहे हैं। यह सूचना जिला पंचायत सदस्य गयासुद्दीन चौधरी व एक स्थानीय पत्रकार द्वारा मिलने पर मेंहदावल थानाध्यक्ष करुणाकर पांडे ने एसएसआइ राकेश कुमार, एसआई नत्थू प्रसाद, सिपाही रत्नेश सिंह, सिपाही नीलेश यादव आदि को तत्काल मौके पर भेजा। थानाध्यक्ष के निर्देश पर उनको एक ढाबे पर लाया गया। उन्होंने मजदूरों को सर्वप्रथम आराम करने को कहा। इस दौरान भोजन पानी के इंतजाम में पुलिसकर्मी जुट गए। थानाध्यक्ष और पुलिसकर्मियों के बेहतर व्यवहार की मेंहदावल में लोग सराहना कर रहे हैं।

ढाबा संचालक ने भी दिखाई मानवता

मेंहदावल के टड़वरिया चौराहे पर चलने वाला ढाबा जोकि लॉकडाउन के बाद से बंद चल रहा था। पुलिस के निर्देश पर ढाबा संचालक गोलू, संतोष अग्रहरी ने सभी मजदूरों के लिए खाना बनवाया। फिजिकल डिस्टेंस का ध्यान रखते हुए सभी मजदूरों को भोजन कराया गया और उनके गोरखपुर पहुंचने की व्यवस्था कराई गई। मेंहदावल पुलिस व ढाबा संचालक की इस मानवीय पहल की लोग सराहना कर रहे है।

Posted By: Pradeep Srivastava

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