गोरखपुर, जेएनएन। 'सोशल मीडिया वरदान है या अभिशाप', इस विषय पर स्कूल-कॉलेजों में होने वाले भाषण-वाद-विवाद के प्लेटफार्मो के साथ-साथ बौद्धिक मंचों पर भी खूब बहस होती रहती है। इन बहसों का निष्कर्ष जो भी हो पर शहर के कुछ होनहार किशोरों-युवाओं ने अपने प्रयासों से इस मंच को जनोपयोगी साबित किया है।
जरूरत, लोगों को मतदान के लिए प्रेरित करने की हो, स्वच्छता की अलख जगानी हो या फिर शहर की ब्रांडिंग करनी हो, अपनी क्रिएटिविटी से यह सभी नया, अनूठा और महत्वपूर्ण रच रहे हैं। यह हैं गोरखपुर के यूट्यूबर। जी हां! लोकप्रिय सोशल मीडिया प्लेटफार्म यूट्यूब का सदुपयोग करते हुए यह सभी अपनी रचनात्मकता से तो औरों को रूबरू करा ही रहे हैं, उपयोगी कंटेंट भी मुहैया करा रहे हैं।
आइये जानते हैं कुछ ऐसे ही रचनाधर्मियों के बारे में
आओ सीखें रंग-रंगोली अगर आप रंगोली बनाने के शौकीन हैं और आपको नए डिजाइन सीखने हैं या फिर रंगोली विधा की पेचींदगियों से परेशान हैं, तो सुरेंद्र प्रजापति का यूट्यूब चैनल 'एसपी फाइन आ‌र्ट्स क्लासेज' अच्छा विकल्प हो सकता है। गोरखपुर विश्वविद्यालय से 2016 में ललित कला में परास्नातक करने के बाद सुरेंद्र ने भारतीय लोक कलाओं के संरक्षण और संवर्धन के लिए मुहिम शुरू की है और यह यूट्यूब चैनल उसी मुहिम की एक कड़ी है।
सामाजिक मीडिया और इंटरनेट के दौर में सुरेंद्र ने इसे संवाद का एक सशक्त माध्यम मानते हुए अपने उद्देश्य की पूर्ति के लिए इसकी सहायता ली है। इस चैनल के माध्यम से रंगोली को घर-घर तक पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं। सुरेंद्र अपने चैनल पर वीडियो अपलोड कर रंगोली बनाने का तरीका आसानी से समझाते हैं, साथ ही सुंदर रंगोली बनाने के विविध तरीकों को प्रयोग के रूप में दर्शाते भी हैं। फिलहाल इस चैनल के 367 सब्सक्राइबर हैं और सुरेंद्र के लोकप्रिय वीडियो के 6500 से ज्यादा व्यूअर हैं।
स्वराज का चैनल अगर आप की दिलचस्पी समाचारों में है और आप खबरों को बेहतर ढंग से समझना चाहते हों, तो स्वराज का चैनल आपकी मदद कर सकता है। बेहद सधे शब्दों, रोचक अंदाज में स्वराज खबरों की जानकारी देते हैं। युवा स्वराज श्रीवास्तव ने अपने ही नाम से यूट्यूब चैनल बनाया है और यह चैनल अपने अच्छे, अर्थपूर्ण और ज्ञानपरक वीडियो के लिए जाना जाता है। हालिया लोकसभा चुनावों के दौरान मतदान की अपील करता हुआ उनका गीत 'गली वोटर.तू वोट देकर आएगा' खासा लोकप्रिय हुआ था।
स्वराज बताते हैं कि उन्हें खबरों में दिलचस्पी शुरू से थी। वो किसी भी खबर की तह तक जाते हैं और उसकी पूरी जानकारी रखते हैं। इस दौरान लोग उनसे कई बार किसी खबर या टॉपिक को समझाने को कहते थे। पहले तो सब कुछ जुबानी हो जाता था लेकिन धीरे-धीरे स्वराज को एहसास हुआ कि अगर वो ये काम अपने यूट्यूब चैनल पर करें, तो ज्यादा से ज्यादा लोग इसका फायदा ले सकते हैं। फिर क्या था, उन्होंने न्यूज एंड पॉलिटिक्स कैटेगिरी में वीडियो तैयार कर अपलोड करना शुरू कर दिया। लोकसभा चुनाव के दौरान भी स्वराज के चैनल पर तमाम उम्मीदवारों के साक्षात्कार अपलोड हुए।
इसी वर्ष स्वराज ने दिल्ली के प्रसिद्ध कॉलेज जामिया मिल्लिया इस्लामिया में मास मीडिया के कोर्स में एडमिशन लिया है. स्वराज के अनुसार, यूट्यूब उनके लिए एक ऐसा प्लेटफार्म बना, जिसने उन्हें अलग पहचान दिलाई। गो.गो.गो. गोरखपुर अगर आप गोरखपुर के निवासी हैं, तो कभी ना कभी आपने शहर का थीम सांग बन चुके इस गीत को सुना जरूर होगा। गो.गो.गो. गोरखपुर..। इस गीत को लिखने, सुरों में पिरोने और आवाज देने का श्रेय गागुली टोला, बशारतपुर निवासी दीपक यादव को है। दीपक ने 2016 से ही अपने शहर के ऊपर एक गाना लिखने की ठानी थी, जो 2018 में तैयार हुआ। गीत तैयार होने के बाद बात आई, उसके वीडियो शूट की तो उन्होंने विवेकपुरम तारामंडल निवासी सुधाशु सिंह से संपर्क किया। सुधाशु सिंह, रामजानकी नगर निवासी सुमित तिवारी के साथ मिलकर 'वन शॉट फिल्म' नाम से वीडियो प्रोडक्शन कंपनी शुरू की।
सुधाशु और सुमित ने मिलकर, कई दिन तक शहर के चक्कर लगाकर इस गाने के वीडियो को शूट किया, और फिर इस गीत रिलीज किया। देखते ही देखते यूट्यूब के साथ दूसरे सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर यह गीत वायरल हो गया और यूट्यूब पर दीपक का नाम जाना-पहचाना हो गया। जनसरोकार की अलख जगाते नन्हें कलाकार एलएफएस स्कूल में कक्षा छठवीं के छात्र श्वेतांक पांडेय व अनमोल तिवारी और कक्षा आठवीं के छात्र यशराज चौधरी के यूट्यूब चैनल 'एसपीए की वाइन्स' पर अपलोड वीडियो देख सहसा विश्वास नहीं होता कि यह सब कुछ इन नन्हें कलाकारों ने रचा है।
स्वच्छ भारत अभियान के लिए लोगों को जगाना हो या फिर क्रिकेट के हाल पर तंज करता हुआ व‌र्स्ट क्रिकेटर ऑफ द ईयर वीडियो हो अथवा मीडिया पर कटाक्ष का वीडियो, सभी एक से बढ़कर एक हैं। सामाजिक समस्याओं के निदान के लिए जनजागरूकता को अहम मानते हुए शहर के इन नन्हें कलाकारों ने यूट्यूब को अपना मंच बनाया है। फिलहाल इसके 162 सब्सक्राइबर हैं और इन कलाकारों की टीम जल्द ही नई स्ट्रेटजी के साथ चैनल को प्रमोट करने की योजना पर काम कर रही है। यही तीनों इस पूरे चैनल के एक्टर, राइटर और एडिटर हैं। श्वेतांक स्क्रिप्ट अच्छी लिखते हैं तो अनमोल की एक्टिंग लाजवाब है वहीं यशराज टेक्निकली साउंड हैं।
वीडियो तैयार करने के लिए सभी अपनी पॉकेट मनी बचाते हैं। इन दिनों तीनों ही जल संरक्षण विषय पर केंद्रित नया वीडियो लांच करने की तैयारी में हैं। सिल्वर बटन एचीवर गोरखपुर केंद्रित राजनीतिक गतिविधियों पर आधारित वर्ष 2012 में यूट्यूब पर विनय कुमार गौतम ने अपने ही नाम से एक चैनल की शुरुआत की। हर छोटी-बड़ी घटनाओं पर आधारित वीडियो तैयार कर अपलोड करते हुए विनय ने यूट्यूब पर स्थानीय लोगों के बीच खासी लोकप्रियता बटोरी।
यह लोकप्रियता सब्सक्राइबर में बदलने लगी तो यूट्यूब क्रिएटर स्टूडियो ने सूचना दी कि जैसे ही आपके सब्सक्राइबर एक लाख होते हैं, ईमेल के द्वारा सूचित करें। आखिर वह दिन भी आया और फिर कॉपीराइट स्ट्राइक रहित वीडियो, कम्यूनिटी गाइड लाइन आदि की समीक्षा करने बाद बीते 19 जुलाई को यूट्यूब के यूनाइटेड स्टेट ऑफ अमेरिका स्थित हेडक्वार्टर से बधाई पत्र के साथ सिल्वर प्ले बटन अवॉर्ड हुआ। यह अवॉर्ड एक लाख सब्सक्राइबर होने पर सम्मान स्वरूप चैनल को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य दिया जाता है। वर्तमान में विनय के चैनल के एक लाख उनतालीस हजार सब्सक्राइबर हैं।