यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 02, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
पटाखों से झुलसे तो इलाज के हैं मुकम्मल इंतजाम, जिला अस्पताल में 20 व मेडिकल कालेज में 25 बेड आरक्षित
दीपावली को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने तैयारियां पूरी कर ली है। पटाखों से झुलसने या चोटिल होने पर इलाज के ...और पढ़ें

गोरखपुर, जागरण संवाददाता। दीपावली को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने तैयारियां पूरी कर ली है। पटाखों से झुलसने या चोटिल होने पर इलाज के मुकम्मल इंतजाम किए गए हैं। जिला अस्पताल में 20 व बीआरडी मेडिकल कालेज में 25 बेड आरक्षित किए गए हैं। इसके अलावा सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर पांच-पांच बेड आरक्षित कर दिए गए हैं। डाक्टरों की छ्ट्टी निरस्त कर दी गई है। सभी को आन काल उपलब्ध रहने का निर्देश दिया गया है।
दीपावली में रहती है झुलसने की आशंका
मेडिकल कालेज के प्राचार्य डा. गणेश कुमार ने बताया कि दीपावली पर लोगों के झुलसने की आशंका रहती है। इसे लेकर बर्न वार्ड में 25 बेड तैयार किए गए हैं। सीएमओ डा. सुधाकर पांडेय ने बताया कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर पांच-पांच बेड आरक्षित किए गए हैं। जिला अस्पताल के प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डा. एसी श्रीवास्तव ने बताया कि दीपावली के मद्देनजर 20 बेड आरक्षित किए गए हैं। उन्होंने पटाखे जलाते समय आंखों के प्रति विशेष सावधानी बरतने की हिदायत दी है। इसके अलावा अन्य अंगों की सुरक्षा का भी ख्याल रखने को कहा है। ताकि पटाखा जालाते समय किसी हादसे का शिकान न होना पडे।
बरतें ये सावधानी
-हाथ और पैर सहित शरीर का जो भी हिस्सा झुलस जाए, उसे कुछ देर तक पानी में रखें। इससे फफोले नहीं पड़ेंगे।
-अगर शरीर का झुलसा अंग पानी में डूबाे नहीं सकते हैं, तो उस स्थान पर कपड़ा भिगोकर रख दें।
-जलने या झुलसने पर तत्काल डाक्टर से सलाह लें। अपने मन से दवा का इस्तेमाल न करें।
-त्वचा पर फफोले पड़ गए हैं तो उसे फोड़े नहीं। ऐसा करने से जले हुए हिस्से में संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।
-जले हिस्से पर मिट्टी या अन्य चीज न लगाएं। हथेली जली है तो अंगूठी व घड़ी तत्काल निकाल दें। रुई या काटन का इस्तेमाल करने से बचें। अगर रुई का इस्तेमाल करते हैं तो चिपकने का डर रहता है। ऐसी स्थिति में डाक्टर से सलाह लें।
