गोरखपुर, जेएनएन। राप्तीसागर एक्सप्रेस में सफर कर रहे मधुबनी (बिहार) के परिवार के चार वर्षीय बच्चे को महिला ने गोरखपुर में अगवा कर लिया। खलीलाबाद पहुंचने पर स्वजन को जानकारी हुई। ट्रेन से उतरकर परिवार के लोग गोरखपुर पहुंचे। खोजबीन करने के बाद 10 जून को जीआरपी थाने में अज्ञात महिला के खिलाफ अपहरण का केस दर्ज कराया। जीआरपी थाना प्रभारी मामले की जांच कर रहे है।

यह है मामला

सात जून को मधुबनी (बिहार), गोरहर के पारा गांव निवासी बिट्टू ठाकुर पत्नी छोटी देवी, चार साल के बेटे अंकुश वा दो साल की बेटी आयुषी व रिश्तेदारों के साथ राप्तीसागर एक्सप्रेस से केरल जा रहे थे। समस्तीपुर में यह लोग ट्रेन के एस 11 कोच में सीट नंबर नौ, 11 और 11 पर बैठे थे। ट्रेन के मुजफ्फरपुर पहुंचने पर कई यात्री कोच में चढ़े जिसमें एक महिला भी थी जो बर्थ नंबर 11 पर आकर बैठी। इसी सीट पर बिट्टू के दोनों बच्चे अपने मौसा रामसेवक के साथ सोए थे। आठ जून की सुबह चार बजे ट्रेन देवरिया पहुंची तो रामसेवक ने देखा कि अंकुश सीट पर नहीं। उन्होंने समझा वह बगल में ही कुछ दूरी पर बैठे अपने मामा राजीव के पास होगा। गोरखपुर से ट्रेन आगे बढ़ने पर बिट्टू के साथ ही रामसेवक व राजीव उसे खोजने लगे। कोच में बैठे यात्रियों ने बताया कि मुजफ्फरपुर में बैठी महिला देवरिया या गोरखपुर रेलवे स्टेशन के बीच उनके बेटे को लेकर उतरी है। ट्रेन के खलीलाबाद पहुंचने पर बिट्टू अपने परिवार व रिश्तेदारों के साथ उतर गए। जीआरपी व आरपीएफ के सिपाहियों को घटना की जानकारी देने के बाद गोरखपुर पहुंचे। दो दिन तक खोजबीन करने के बाद 10 जून की सुबह जीआरपी थाने पहुंचकर तहरीर दी। प्रभारी निरीक्षक जीआरपी थाना उपेंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि अपहरण का केस दर्ज कर छानबीन की जा रही है।

प्लेटफार्म नंबर एक पर आई थी ट्रेन

आठ जून की सुबह साढ़े पांच बजे राप्तीसागर एक्सप्रेस गोरखपुर रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक पर आयी थी। घटना की जानकारी मिलने के बाद जीआरपी ने स्टेशन पर लगे सभी कैमरे की फुटेज को देखा लेकिन बच्चा नहीं दिखा।

देवरिया व गोरखपुर में हुई घटना चल रही जांच

चार साल के बच्चे को लेकर महिला ट्रेन से गोरखपुर या देवरिया रेलवे स्टेशन पर उतरी स्वजन के साथ ही कोच में बैठे यात्री यह स्पष्ट नहीं बता पा रहे हैं। जीआपी व आरपीएफ की टीम गोरखपुर के अलावा देवरिया रेलवे स्टेशन पर लगे सीसी कैमरे की फुटेज देख रही है।

Edited By: Pradeep Srivastava