गोरखपुर, जागरण संवाददाता। कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रोन के भारत में दस्तक देने के बाद महराजगंज का स्वास्थ्य विभाग भी अलर्ट हो गया है। हालांकि कोरोना की दूसरी लहर के त्रासदी के बाद सरकार ने स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने का जो कार्य किया है, इससे अब आेमिक्रोन से परेशान होने की जरूरत नहीं है। सिर्फ कोविड नियमों का पालन करते हुए धैर्य रखना है। अस्पताल प्रशासन के पास इस नए वैरिएंट से लड़ने के लिए पर्याप्त इंतजाम है। इसे सुव्यवस्थित करने के लिए तैयारी तेज हो गई है। 100 बेड का जिला महिला अस्पताल कोविड एल टू के रूप में तैयार है। जबकि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर 30 से 60 बेड की व्यवस्था के साथ है। कोविड हास्पिटल और सीएचसी पर आक्सीजन प्लांट के साथ ही आक्सीजन कंसंट्रेटर पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है।

सरकारी अस्पतालों में आक्सीजन प्लांट की व्यवस्था

- जिला संयुक्त चिकित्सालय- 550 लीटर प्रति मिनट

- एलटू- चिकित्सा इकाई एमसीएच विंग- 330 लीटर प्रति मिनट

- एल टू- चिकित्सा इकाई एमसीएच विंग- 250 लीटर प्रति मिनट

- सीएचसी परतावल- 250 लीटर प्रति मिनट

- सीएचसी फरेंदा- 250 लीटर प्रति मिनट

- सीएचसी घुघली- 300 लीटर प्रति मिनट

- सीएचसी गोपाल- 250 लीटर प्रति मिनट

कोविड के लिए तैयार बेड और आक्सीजन कंसंट्रेटर की उपलब्धता

हास्पिटल बेड कंसंट्रेटर

- एमसीएच विंग 100 100

- सीएचसी घुघली 30 20

- सीएचसी गोपाला 50 20

- सीएचसी नौतनवा 40 20

- सीएचसी धानी 60 20

- सीएचसी परतावल 50 20

- सीएचसी फरेंदा 30 20

नोट- सीएचसी परतावल और फरेंदा को आवश्यकता पड़ने पर कोविड के रूप में उपयोग में लाया जाएगा।

कोविड से बचाव का टीका अवश्य लगवाएं

मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा. एके राय ने बताया कि अस्पताल में आक्सीजन प्लांट चालू होने से अब आक्सीजन की कमी नहीं आई आएगी। आेमिक्रोन को लेकर आमजन को घबराने की जरूरत नहीं है। कोरोना से बचाव के टीके का दोनों डोज अवश्य लगवाएं। कोविड नियमों का पालन करें और घर से बाहर निकलने पर मास्क का प्रयोग अवश्य करें। स्वच्छता बरतें।

अस्‍पताल में मौजूद हैं सारी सुविधाएं

मुख्‍य चिकित्‍सा अधिकारी डा. एके श्रीवास्‍तव ने बताया कि कोविड अस्पतालों में बेड, आक्सीजन प्लांट और आक्सीजन कंसंट्रेटर की सुविधा उपलब्ध है। जिले के सभी सीएचसी पर 10-10 जम्बो सिलेंडर भी है। इसके अलावा 150 जम्बो सिलेंडर और 150 आक्सीजन कंसंट्रेटर स्टोर में सुरक्षित है। निगरानी समितियों को सक्रिय रहने के निर्देश दिए गए हैं।

Edited By: Navneet Prakash Tripathi