कुशीनगर: कोरोना का प्रकोप बढ़ा तो हर किसी को अपनी जान बचाने की फिक्र थी, जिनका कोई नहीं, या जिनके पास संसाधन नहीं थे, उनका इस मुश्किल घड़ी में साथ दे रही थी टीम 'कर्तव्य'। नगर के युवाओं की इस टीम के सदस्य निस्वार्थ भाव से घर-घर जाकर लोगों की दिन रात मदद कर रहे थे। नाम व शोहरत से दूर आक्सीजन सिलेंडर, आक्सीमीटर, जीवन रक्षक दवाएं व गरीब परिवारों में राशन आदि मुहैया करा रहे इन युवाओं का सेवा भाव दूसरों को प्रेरित करने वाला है।

आपदा की उस घड़ी में युवाओं की टीम ने जन सहयोग से मदद का अभियान चलाया। नगर क्षेत्र व आसपास के गांवों में ब्लीचिग एवं कीटनाशकों का छिड़काव कराया। काढ़ा बनाने के लिए अदरक और नींबू बांटे। संक्रमित लोगों के घर दवा व आक्सीमीटर मुहैया कराया। होम आइसोलेशन मे रह रहे कोरोना मरीज व उनके स्वजन को कोई परेशानी न होने पाए इसलिए अधिकारियों से बात कर सुविधाएं उनके घर तक पहुंचायीं। कोरोना पीड़ितों को ही नहीं, उन लोगों को भी टीम द्वारा हर सुविधाएं पहुंचाई गईं जिन्हें सर्दी-खांसी या दूसरी परेशानियां थीं।

एक अप्रैल से जुलाई तक टीम ने लक्षणयुक्त आठ सौ से अधिक मरीजों को अस्पताल में भर्ती कराया। जिले से गोरखपुर तक प्रयास कर छोटे-बड़े 100 आक्सीजन सिलिंडर मुहैया करा गंभीर मरीजों की जान बचायी। खुद के रुपये से 50 आक्सीमीटर खरीद पीड़ितों को उपलब्ध कराए, ताकि उनके आक्सीजन लेवल की जांच की जा सके। टीम ने खाने-पीने के सामान तथा परेशान परिवारों में राशन व जरूरत की अन्य वस्तुएं भी मुहैया करायीं। इसके अलावा टीम ने फल भी बांटे।

टीम लीडर अरुण पांडेय व शुभम मणि ने बताया कि मानव सेवा के प्रति संकल्पित टीम के सदस्य संकट काल के समय दिन-रात सक्रिय रहे, जिससे अधिकाधिक लोगों को तक सहायता पहुंचाई जा सकी।

अन्य जनपदों में भी पहुंचाई थी मदद

अरुण पांडेय व शुभम बताते हैं कि इंटरनेट मीडिया की मदद से थोड़े ही दिन में टीम 'कर्तव्य' से प्रदेश के अन्य जिलों से बड़ी संख्या में युवा जुड़े। नतीजा हुआ कि मदद का यह दायरा बढ़ता गया। लखनऊ, गाजियाबाद, सीतापुर, गोंडा, वाराणसी, फैजाबाद आदि दूसरे जनपदों के युवाओं ने भी संकट की घड़ी में जरूरतमंदों की मदद कर अपना कर्तव्य निभाया।

ये हैं टीम के सदस्य

टीम में अमित, भावेश तुलस्यान, अमन सिंह, अरुण राय, अभिषेक, मानस, सुमित मिश्र, सैफ लारी भी शामिल हैं।

Edited By: Jagran