गोरखपुर, जागरण संवाददाता। वीडियो वायरल करने की धमकी देकर युवती से एक लाख रुपये रंगदारी मांगने वाले शिक्षक को गोरखनाथ पुलिस ने गिरफ्तार किया। महराजगंज जिले के रहने वाला आरोपित शहर के एक प्राइवेट स्कूल में पढ़ाता था। पुलिस ने उसे कोर्ट में पेश किया जहां से जेल भेज दिया गया।

यह है मामला

गोरखनाथ क्षेत्र की रहने वाली युवती ने 21 जुलाई को थाने पहुंच तहरीर दी। थानेदार को उसने बताया कि प्राइवेट स्कूल में पढ़ाने वाली बड़ी बहन की शादी हो चुकी है।पिछले एक माह से अनजान नंबर से फोन कर कोई व्यक्ति एक लाख रुपये रंगदारी मांग रहा है। रुपये न मिलने पर बहन की आपत्तिजनक फोटो व वीडियो वायरल करने की धमकी दे रहा है।किसी की शरारत समझकर उन्होंने ध्यान नहीं दिया। जिसके बाद उस व्यक्ति ने आपत्तिजनक वीडियो व फोटो भेजना शुरू कर दिया। जिसको देखकर वह सहम गई और रुपये की व्यवस्था करने में लग गयी। लेकिन इंतजाम नहीं हो सका।

जिसके बाद आरोपित बदनाम करने के साथ ही बहन को एसिड से जलाने की धमकी देने लगा। छानबीन करने पर पता चला कि जिस नंबर से फोन आ रहा है वह महराजगंज जिले के कोतवाली थानाक्षेत्र स्थित पडऱी बुजुर्ग निवासी विजय स‍िंह का है। तहरीर के आधार पर गोरखनाथ पुलिस ने रंगदारी मांगने,धमकी देने और आपत्तिजनक तस्वीर वायरल करने का केस दर्ज कर गुरुवार की सुबह आरोपित को गिरफ्तार कर लिया। प्रभारी निरीक्षक गोरखनाथ रामाज्ञा स‍िंह ने बताया कि विजय स‍िंह शहर के एक प्राइवेट स्कूल में शिक्षक था।

हत्या व दुष्कर्म के आरोपितों की जमानत अर्जी खारिज

जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश दुर्ग नरायन सिंह ने हत्या के आरोपित और विशेष न्यायाधीश पाक्सो नम्रता अग्रवाल ने नाबालिग से दुष्कर्म के आरोपित की जमानत अर्जी खारिज कर दी है। दोनों मामलों में अदालत ने गुरुवार को फैसला सुनाया। गगहा क्षेत्र के अस्थौला मडि़हवा निवासी शंकर का गांव के बाहर 20 अपै्रल 2021 को फंदे से लटकता शव मिला था। हालांकि उनके शरीर का काफी हिस्सा जमीन से लगा हुआ था। शंकर के भाई धर्मवीर ने इस मामले में हत्या का मुकदमा दर्ज कराया।

तहरीर में उन्होंने अरोप लगाया कि शंकर की पत्नी रीमा ने अस्थौला मडि़हवा गांव के ही नन्हे से दोस्ती थी। वे दोनों अक्सर मिलते रहते थे। शंकर इसका विरोध करते थे। इसी बात से खार खाकर रीमा और नन्हें ने मिलकर शंकर की हत्या कर दी। धर्मवीर के मुताबिक शंकर के दो बच्चों ने उनका हाथ-पैर बांध कर रीमा और उसके दोस्त नन्हें को पिटाई करते हुए देखा भी था।

हत्या के आरोप में गिरफ्तार नन्हें ने जमानत के लिए अर्जी दाखिल की थी। इस पर सुनवाई के दौरान जिला शासकीय अधिवक्ता यश पाल सिंह और सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता धर्मेंद्र कुमार मिश्र ने अदालत के सामने अभियोजन का पक्ष रखा। बचाव पक्ष की भी दलीलें सुनने के बाद पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों और अपराध की गंभीरता को देखते हुए अदालत ने जमानत अर्जी खारिज करने का फैसला सुनाया। नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में पीपीगंज क्षेत्र के रायपुर निवासी संगम साहनी की जमानत अर्जी अदालत ने खारिज कर दी है।

सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता श्रद्धानंद पांडेय और नितिन मिश्र ने अदालत में अभियोजन का पक्ष रखते हुए बताया कि मानसिक रूप से बीमार पीडि़ता को बहला-फुसला कर आरोपित अपने ही गांव के सुनील साहनी की मदद से अपने साथ ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया। इस मामले में पीडि़ता की मां ने दोनों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया है। संगम साहनी ने जमानत अर्जी दाखिल की थी।

Edited By: Pradeep Srivastava