गोरखपुर, जेएनएन। जिला महिला अस्पताल की चिकित्सकीय व्यवस्था लड़खड़ा गई है। बेबस मरीज इससे जूझते दिख रहे हैं। बेहोशी के तीनों डॉक्टर लंबी छुट्टी पर चले गए हैं। दो माह से दोपहर बाद से सुबह आठ बजे तक गंभीर मरीज भर्ती नहीं किए जा रहे। ऑपरेशन नहीं हो रहा है। भर्ती मरीजों की भी यदि इस दौरान तबीयत बिगड़ी तो बीआरडी मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया जा रहा है।

इमरजेंसी केस के लिए सिर्फ नर्सिंग होम के हवाले

कोई इमरजेंसी केस आ गया तो  नर्सिंग होम में जाने के अलावा कोई उपाय नहीं है। क्योंकि मेडिकल कॉलेज दूर होने से परिजन जोखिम नहीं लेना चाहते। जिला महिला अस्पताल में सारी सुविधाएं हैं, पर नर्सिंग होमों में जाकर डिलीवरी करानी पड़ रही है। शहर का महत्वपूर्ण अस्पताल है, लगभग 80 फीसद लोग जरूरत पडऩे पर इसकी शरण लेते हैं।

दोपहर बाद गायब हो जाते हैं डाक्‍टर

समस्या को देखा सीएमओ ने बेहोशी के दो डॉक्टरों को यहां अटैच किया। दोनों सुबह आठ बजे आते हैं और दोपहर बाद दो बजे चले जाते हैं। जब डॉक्टर छुट्टी पर नहीं गए थे तो प्रतिदिन 10-12 ऑपरेशन हो जाते थे। इस समय बमुश्किल छह-सात ऑपरेशन हो पा रहे हैं।

इसलिए नहीं हो पा रहा आपरेशन

जिला महिला अस्पताल के एसआइसी -डॉ. आनंद प्रकाश श्रीवास्तव का कहना है कि दोनों डॉक्टरों को कहा गया कि एक सुबह आएं और एक दिन में दो बजे के बाद, लेकिन दोनों लोग सुबह आ रहे हैं। दो बजे चले जा रहे हैं। इससे ऑपरेशन नहीं हो पा रहा है।

बेहोशी के डाक्‍टरों की कमी

इस संबंध में सीएमओ डा. श्रीकांत तिवारी का कहना है कि बेहोशी के डॉक्टरों की कमी है। 20 सीएचसी में से केवल तीन पर डॉक्टर हैं। जिला महिला अस्पताल की व्यवस्था और ठीक कराई जाएगी।

Posted By: Satish Shukla

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