गोरखपुर, जागरण संवाददाता। इस वर्ष लगातार दूसरी बार मिड-डे-मील के रसोइयों की संविदा का नवीनीकरण नहीं किया जाएगा। कोरोना के मद्देनजर इसे स्थगित कर दिया गया है। शैक्षिक सत्र 2020-21 में कार्यरत रसोइयों को ही इस वर्ष भी कार्यरत माना जाएगा।

गोरखपुर में 7734 रसाेईयों की हुई है तैनाती

गोरखपुर जनपद के 2735 स्कूलों में बच्चों का भोजन बनाने के लिए 7734 रसाेईयों की तैनाती की गई है, जिन्हें 15 सौ रुपये मानदेय मिलता है।

पिछले शैक्षिक सत्र में भी स्थगित की गई थी नवीनीकरण की प्रक्रिया

शासन ने जारी आदेश में कहा है कि पिछले शैक्षिक सत्र में भी नवीनीकरण की प्रक्रिया स्थगित की गई थी। चूंकि स्कूल में बच्चे नहीं आ रहे हैं ऐसे में मिड-डे-मील का राशन व परिवर्तन राशि सीधे अभिभावकों को ही दी जा रही है। मध्याह्न भोजन प्राधिकरण ने रसोइयों को मानदेय दिए जाने को लेकर शासन से दिशा-निर्देश मांगा था कि गर्मी की छुट्टियों का एमडीएम बच्चों को दिया जा रहा है तो क्या रसोइयों को भी मानदेय भी दिया जाएगा। इस पर शासन ने स्पष्ट कर दिया है कि रसोइयों को मानदेय दिया जाएगा लेकिन सिर्फ दस महीने का ही मानदेय दिया जाएगा।

ऐसे होता है नवीनीकरण

रसोइयों की संविदा का नवीनीकरण हर वर्ष होता है। इसमें उन्हीं रसोइयों की संविदा का नवीनीकरण होता है जिनका कार्य व्यवहार अच्छा होता है तथा उनके या उनके घर के बच्चे स्कूल में पढ़ रहे होते हैं। सेवा संतोषजनक होने पर ही नवीनीकरण किया जाता है।

बिना नोटिस के खत्‍म नहीं होगी संविदा

नए नियमों के तहत इनकी सेवाएं अचानक खत्म नहीं की जा सकती हैं। सेवा समाप्ति के लिए लिखित तौर पर नोटिस देना जरूरी है। बिना किसी नोटिस के संविदा खत्म नहीं की जा सकती है।

शासन के निर्देश पर इस सत्र में रसोइयों का नवीनीकरण नहीं किया जाएगा। पुराने रसाेइयों को ही निर्धारित मानदेय पंद्रह सौ रुपये दिया जाएगा। - दीपक पटेल, जिला समन्वयक, मिड-डे-मील।

Edited By: Pradeep Srivastava