गोरखपुर, जागरण संवाददाता। आजादी की लड़ाई का प्रतीक कहे जाने वाले तिरंगे झंडे का अपना अलग ही महत्व है। महराजगंज के उप नगर फरेंदा में बना तिरंगा झंडा राष्ट्रीय पूरे देश में फहरता है। यूपी के कई ज‍ि लों में तो यहीं से त‍िरंगे की सप्‍लाई होती है। यहां साल में बीसय हजार से अधिक झंडा बनाकर देश के विभिन्न स्थानों पर भेजा जाता है। आज भी लोग गांधी आश्रम से झंडा खरीद कर देश प्रेम के जज्बे को दर्शाते हैं।

साल भर बनते हैं झंडे

गांधी आश्रम फरेंदा के झंडों की मांग उत्तर प्रदेश ही नहीं देश के विभिन्न शहरों में हैंं। विशेष कर 15 अगस्त, 26 जनवरी व दो अक्टूबर आदि राष्ट्रीय पर्वों पर फरेंदा के तिरंगे झंडे की डिमांड बढ़ जाती है। जिसके चलते अतिरिक्त कारीगरों को बुलाकर झंडे की सिलाई होती है। तिरंगा झंडा अब फरेंदा की पहचान बन चुका है। लोग इस झंडे को फहराकर गर्व की अनुभूति करते हैं। लखनऊ, बुलंदशहर, आगरा, आजमगढ़, मऊ, बलिया, गोरखपुर, संतकबीरनगर, बस्ती, कुशीनगर, देवरिया सहित प्रदेश के अधिकांश जिलों में झंडे की सप्लाई होती है। औसत रूप से एक झंडे की कीमत उसकी साइज के हिसाब से तीन सौ रुपये से लेकर 1200 रुपये तक निर्धारित की गई है। ऐसे में छह लाख मूल्य तक के झंडे की बिक्री गांधी आश्रम द्वारा एक वर्ष में की जाती है।

तीस सााल से अनवरत बन रहा है झंडा

फरेंदा कस्बे में स्थित क्षेत्रीय गांधी आश्रम भंडार गृह में अनवरत तीस वर्षों से त‍िरंगे झंडे का निर्माण हो रहा है। झंडा सिलने वाले सादाब, वंशनाथ व राजाराम यादव बताते हैं कि त‍िरंगा झंडे को बनाकर गर्व की अनुभूति होती है। बड़े सौभाग्य की बात है कि हमें तिरंगा सिलने को मिल रहा है। आजादी के प्रतीक तिरंगे झंडे को लेकर क‍ितने स्वतंत्रता संग्राम सेनानी फांसी के फंदे पर झूल गए थे। तिरंगा सिलते समय इस बात का पूरा ख्याल रखते हैं कि चप्पल-जूता पहनकर झंडा न सिला जाए। झंडे का निर्माण पूर्ण होने पर पूरे सम्मान के साथ उसे एक जगह रखा जाता है।

इन शहरों मेें होता है कपड़े को रंगने का कार्य

झंडे के लिए फरेंदा गांधी आश्रम में कपड़ा बनने के बाद उसे मानक के अनुसार विभिन्न रंगों में रंगने के लिए बाराबंकी व अकबरपुर के गांधी आश्रमों में भेजा जाता है। वहां से रंगाई का पूर्ण होने पर सभी कपड़े पुन: फरेंदा आ जाते हैं। उसके बाद उसकी मानक के अनुसार सिलाई कर प्रदेश के विभिन्न जिलों में भेजा जाता है।

साइज के ह‍िसाब से तय होती है कीमत

90 सेंटीमीटर चौड़ा व एक मीटर 35 सेंटीमीटर लंबा झंडा का मूल्‍य 800 रुपये।

60 सेंटीमीटर चौड़ा व 90 सेंटीमीटर लंबा झंडा का मूल्‍य 480 रुपये।

45 सेंटीमीटर चौड़ा व 75 सेंटीमीटर लंबा झंडा का मूल्‍य मूल्य 300 रुपये।

80 सेंटीमीटर चौड़ा व एक मीटर 20 सेंटीमीटर लंबा झंडा का मूल्‍य 1200 रुपये।

फरेंदा गांधी आश्रम के भंडार गृह में बने तिरंगे झंडे को पूरे प्रदेश में लाेग सम्मान से ले जाते हैं। यहां बनने वाले झंडे की गुणवत्ता का हम पूरा ख्याल रखते हैं। यह स्वतंत्रता आंदोलन की निशानी व प्रत्येक देशवासी के गौरव का प्रतीक है। आने वाले दिनों में और अधिक झंडा बनाकर पूरे देश में भेजने की योजना है। - मो. इस्लाम अंसारी, प्रबंधक क्षेत्रीय, गांधी आश्रम भंडार गृह फरेंदा।

Edited By: Pradeep Srivastava