गोरखपुर, जेएनएन। निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. संजय निषाद के बेटे व प्रदेश प्रभारी श्रवण निषाद पर महिला नेता से दुष्कर्म मामले में एफआइआर दर्ज न होने का मामला गरमाने लगा है। रुद्र सेना बनाने वाले निषाद पार्टी के निष्कासित नेता खुलकर महिला नेता के पक्ष में आ गए हैं। उनका कहना है कि महिला नेता को न्याय दिलाने के लिए वह हर स्तर पर लड़ाई लड़ेंगे।

20 सितंबर को प्रदेश की महिला प्रभारी ने लगाया था आरोप

लखनऊ में रुद्र सेना के बैनर तले 20 सितंबर को हुई बैठक में निषाद पार्टी से जुड़े कुछ नेताओं ने बैठक की थी। बैठक में राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. संजय निषाद से पद छोडऩे की मांग की गई थी। नेताओं ने राष्ट्रीय अध्यक्ष पर हिटलरशाही का आरोप भी लगाया था। इसी बैठक में एक प्रदेश में पार्टी की महिला प्रभारी ने राष्ट्रीय अध्यक्ष के बेटे व प्रदेश प्रभारी श्रवण निषाद पर दुष्कर्म का आरोप लगाया था। कहा था कि गोरखपुर स्थित आवास पर श्रवण निषाद ने शादी का झांसा देकर उसके साथ जबरदस्ती की। महिला नेता के भाषण का वीडियो वायरल हुआ तो खलबली मच गई।

मंगलवार को थाने पहुंची थी महिला नेता

मंगलवार को महिला नेता अचानक तहरीर लेकर शाहपुर थाने पहुंची और श्रवण निषाद पर एफआइआर दर्ज कराने की मांग की। हालांकि मीडियोकर्मियों के पहुंचने से पहले ही महिला नेता चली गईं। इसके बाद से ही उनका मोबाइल फोन स्विच ऑफ है।

निष्‍कासित प्रदेश अध्‍यक्ष ने कहा-संगठन महिला नेता के साथ

इधर, निषाद पार्टी ने निष्कासित प्रदेश अध्यक्ष रामभारत ने कहा कि संगठन पूरी तरह महिला नेता के साथ है। पुलिस को महिला नेता की तहरीर पर एफआइआर दर्ज कर कार्रवाई करनी चाहिए।

कुछ लोगों के चंगुल में फंसी है बच्ची

निषाद पार्टी के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष डा. संजय निषाद का इस संबंध में कहना है कि दुष्कर्म का आरोप लगाने वाली बच्ची कुछ लोगों के चंगुल में फंसी हुई है। यदि बच्ची को कोई कष्ट था तो मुझे बताना चाहिए था। यदि वह मेरे बेटे से शादी करना चाहती थी तो परिवार के साथ आकर बात करनी चाहिए थी। कुछ लोगों ने मेरे खिलाफ साजिश रची है। लेकिन वह कामयाब नहीं होंगे। 

Posted By: Satish Shukla

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