कुशीनगर: विधानसभा चुनाव 2022 शांति पूर्वक कराने की तैयारियों में जुटी पुलिस का वाट्सएप ग्रुप हथियार के रूप में काम करेगा। गांवों व शहर के सभ्रांत लोगों वाले इस खास ग्रुप की मदद से पुलिस जहां अफवाहों से निपट सकेगी, वहीं खुराफातियों की भी पल-पल की जानकारी मिलती रहेगी। दो साल पूर्व बनाए गए इस ग्रुप को पुलिस अपडेट करने जा रही है, जिससे इसमें शामिल लोगों से निरंतर संपर्क बना रहे।

लोकसभा चुनाव 2019 के समय थाना स्तर पर वाट्सएप ग्रुप बनाया गया था। इस ग्रुप में शहर व गांवों के सभ्रांत लोगों के अलावा ग्राम प्रधान, पूर्व ग्राम प्रधान, वर्तमान व पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य, ग्राम पंचायत सदस्य, कोटेदार, लेखपाल, शिक्षक व सामाजिक कार्यकर्ताओं को जोड़ा गया था। पुलिस निरंतर इन लोगों के संपर्क में बनी रही। यह लोग किसी भी घटना की जानकारी अथवा शहर व गांव की महत्वपूर्ण सूचना ग्रुप में भेज देते थे। पुलिस तत्काल जानकारी मिल जाने पर सक्रिय हो जाती थी। मारपीट या किसी तरह का विवाद होने पर लोग मौके की फोटो भी भेजते थे, जिससे पुलिस को वास्तविकता की जानकारी हो जाती थी। इस बार विधानसभा चुनाव में भी शहर व गांवों में सरगर्मी बढ़ गई है। किसी भी घटना या रंजिश को चुनाव से जोड़कर देखा जा रहा है। कभी-कभी तो केवल झूठी अफवाह ही फैल जाती है। राजनीतिक दलों के जिलाध्यक्ष तथा विधानसभा चुनाव के प्रचार में लगे नेताओं का नंबर जोड़ कर पुलिस इसे अपडेट कर रही है।

पुलिस अधीक्षक सचिन्द्र पटेल ने कहा कि वाट्सएप ग्रुप की पुलिस और पब्लिक के बीच बेहतर रिश्ते बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका रही। बीते लोकसभा चुनाव में इसका इस्तेमाल किया गया था। अब विधानसभा चुनाव को देखते हुए भी इसका प्रयोग किया जाएगा। ग्रुप में क्षेत्र के प्रमुख लोग पहले से ही जुड़े हैं। राजनीतिक दलों के अध्यक्ष व प्रचार में जुटे जनप्रतिनिधियों को जोड़कर ग्रुप को अपडेट किया जा रहा है ताकि चुनाव में इसकी मदद ली जा सके।

Edited By: Jagran