गोरखपुर, जागरण संवाददाता। सरकार ने चाइनीज मांझा की बिक्री पर पूरी तरह से रोक लगा रखी है। इकसे बावजूद महराजगंज जिले में चाइनीज मांझा न सिर्फ खुलेआम बिक रहा है, बल्कि नगर वासी इसका उपयोग भी कर रहे हैं। यह हाल तब है जब आए दिन इसकी वजह से घटनाएं होती रहतीं हैं।

एक माह पहले चाइनीज मांझे से कट गई थी महिला की गर्दन

अभी एक माह पूर्व ही सिसवा कस्बे में एक महिला की गर्दन कटते-कटते बची थी। शहर में इसकी बिक्री कहीं स्पेशल रेशम तो कहीं चमकीला धागा के नाम पर हो रही है। पतंगबाजी के लिए पहले साधारण डोर पर कांच की परत चढ़ाकर मांझा बनाया जाता था, जोकि आसानी से टूट जाता था। लेकिन अब लोग लंबे समय तक पतंग उड़ाने के लिए चाइनीज मांझे का प्रयोग करते हैं।

नायलान और मैटेलिक पाउडर से तैयार होता है चाइनीज मांझा

चाइनीज मांझे को नायलान और मैटेलिक पाउडर से मिलाकर बनाया जाता है, जो कि लचीला होता है। ऐसे में पतंग उड़ाते समय यह आसानी से टूटने के बजाय बढ़ जाता है। साथ ही सामान्य डोर से बने मांझे से सस्ता होने के चलते भी लोग इसे खरीदते हैं। पतंग कटने के बाद यह मांझा पक्षियों के साथ दो पहिया वाहन चालकों के हाथ और गले में फंसकर घायल करता है, कई बार तो इससे लोगों की जान चली जाती है।

सबको पता है कहां मिलेगा चाइनीज मांझा

जागरण के अभियान के क्रम में रविवार को जब टीम ने शहर में पड़ताल शुरू किया तो कई दुकानों पर चाइनीज मांझा की बिक्री पाई गई। सामान्य दुकानदारों से पूछने पर उन्होंने बताया कि प्रतिबंध तो है, लेकिन जब तक ग्राहक हैं बेचने वाले भी लाते ही रहते हैं। सबको पता है कि चाइनीज मांझा की बिक्री कहां होती है लेकिन मिलीभगत के चलते कोई कार्रवाई नहीं होती।

प्रतिबंद्धित मांझा बेचने वालों पर होगी कार्रवाई

पुलिस अधीक्षक प्रदीप गुप्ता का कहना है कि पुलिस को प्रतिबंधित मांझा बेचने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए निर्देशित किया गया है। प्रतिबंधित मांझा बेचते हुए पकड़े जाने पर दुकानदार के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

Edited By: Navneet Prakash Tripathi