गोरखपुर, जेएनएन। सहजनवां के गोपाल कोरोना संक्रमण के बाद बाबा राघवदास मेडिकल कालेज में भर्ती कराए गए हैं। भर्ती कराने के साथ ही इलाज का उनको काफी फायदा होने लगा था। डाक्टर भी खुश थे कि मरीज तेजी से ठीक हो रहा है, तीन-चार दिन बाद उन्हें डिस्चार्ज कर दिया जाएगा। लेकिन दो दिन बाद गोपाल की तबियत बिगडऩे लगी। डाक्टरों ने बात की तो गोपाल ने बताया कि रात में नींद नहीं आयी है। मन घबरा रहा है, बेचैनी भी बहुत है। इसके बाद गोपाल की हालत बिगडऩे लगी। शरीर में आक्सीजन का स्तर 80 के नीचे आने लगा तो डाक्टर भी परेशान हो गए। कोरोना संक्रमण से बचाव के इलाज के साथ मानसिक रोग के डाक्टरों को भी मरीज के बारे में जानकारी दी गई। मानसिक रोग के डाक्टरों ने अनिद्रा, बेचैनी और डर का इलाज शुरू किया तो दूसरे दिन ही गोपाल की हालत फिर सुधरने लगी। गोपाल को अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया है।

कोरोना संक्रमण के कारण अस्पताल में भर्ती होने वाले ज्यादातर मरीजों में मानसिक रोग के लक्षण दिखने लगे हैं। कोरोना संक्रमण को लेकर सामने आ रही दुश्वारियों ने लोगों की और परेशानी बढ़ानी शुरू कर दी है। लोग अपने स्वास्थ्य को लेकर ज्यादा ङ्क्षचतित हैं। ङ्क्षचता यह भी है कि ठीक होकर घर जा पाएंगे या नहीं।

यह दिख रहे लक्षण

अनिद्रा, घबराहट व बेचैनी, उदासी, अत्यधिक घबराहट, कई लोग बार-बार कहते हैं कि अब जान नहीं बचेगी, इस लक्षण को लेकर लोग काफी परेशानी बढ़ गई है। लोगों की समझ में नहीं आ रहा है कि वह क्‍या करें।

हर उम्र में लक्षण

सरकारी के साथ ही नर्सिंग होम में बनाए गए कोविड अस्पतालों में भी कोरोना संक्रमितों में अनिद्रा समेत अन्य लक्षण दिख रहे हैं। सरकारी अस्पतालों में एक ही वार्ड में कई मरीजों के भर्ती करने और उनमें से किसी की मौत के बाद अन्य मरीजों की समस्या और बढ़ जा रही है।

हर मरीज में दिक्कत

डाक्टरों का कहना है कि कोरोना की पहली लहर में ज्यादातर बुजुर्गों में अनिद्रा, बेचैनी, घबराहट आदि लक्षण दिखते थे लेकिन दूसरी लहर में सभी में लक्षण दिख रहे हैं। हमेशा सकारात्मक ²ष्टिकोण रखने और आत्मविश्वास से लबरेज रहने वाले युवाओं में भी दिक्कत सामने आ रही है।

कोरोना संक्रमण हुआ तो यह करें

डरें बिल्कुल भी नहीं और सकारात्मक ²ष्टिकोण रखें। डरने से शरीर की प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होने लगती है, इस कारण बीमारी हावी होने लगती है। खुद को बीमार न मानें, अब आप खुद को बीमार मान लेंगे तो दिमाग भी उसी तरह व्यवहार करने लगेगा। इससे बीमारी कम होने की बजाय बढ़ेगी। संक्रमित हैं तो क्या हुआ व्यायाम करें और ज्यादा से ज्यादा सोने की कोशिश करें। याद रखें कोरोना संक्रमण से ज्यादातर लोग जल्द ठीक हो जाते हैं। सकारात्मक लोगों के संपर्क में रहें, नकारात्मक लोगों का मोबाइल नंबर ब्लाक कर दें। अपनों से बात करें, खुद को ज्यादा खुश रखें।

संक्रमण के कारण हो रही ऐसी स्थिति

बाबा राघवदास मेडिकल कालेज में मनोचिकित्सक डा. आमिल एच खान का कहना है कि कोरोना संक्रमण के कारण लोग डर रहे हैं। इनमें अनिद्रा, बेचैनी, उदासी, अत्यधिक घबराहट देखने को मिल रही है। ऐसे लोगों का आसानी से इलाज किया जा रहा है। सिर्फ गोलियों से उन्हें ठीक कर दिया जा रहा है। दवाओं के असर से मरीज तेजी से ठीक भी हो रहे हैं। मनोचिकित्सक डा. गोपाल अग्रवाल का कहना है कि कुछ दिनों से ओपीडी में मानसिक रोगों से परेशान मरीजों की संख्या बढ़ी है। कोरोना संक्रमण से लोग ठीक हो रहे हैं लेकिन डर के कारण दिक्कत हो रही है। ऐसे लोगों की काउंसङ्क्षलग से अ'छे परिणाम सामने आ रहे हैं। दवाओं से बीमारी दूर हो जा रही है।